RSS प्रमुख की 'तीन बच्चों' वाली थ्योरी पर ओवैसी का हमला, बोले- महिलाओं पर बोझ डालना गलत
Asaduddin Owaisi on Mohan Bhagwat: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार, 29 अगस्त को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भागवत ने हाल ही में कहा था कि हर भारतीय परिवार को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, ताकि देश की जनसंख्या संतुलित रहे।
इस पर ओवैसी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि यह सोच भारतीय महिलाओं पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसी है और उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करती है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि आखिर कौन यह तय करेगा कि किसी परिवार को कितने बच्चे होने चाहिए।

AIMIM प्रमुख ने इसे आरएसएस की दोहरी मानसिकता करार देते हुए कहा कि इस तरह के विचार समाज में अनावश्यक दखल और तनाव पैदा करते हैं।
मुसलमानों पर नफरत फैलाने का आरोप
पीटीआई वीडियो को दिए गए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ओवैसी ने आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों पर आरोप लगाया कि वे मुसलमानों के खिलाफ नफ़रत फैलाने के जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, "ये संगठन लगातार मुस्लिम विरोधी मानसिकता को समाज में बढ़ावा देते हैं।"
ओवैसी ने 2011 की जनगणना के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्लिम आबादी की वृद्धि दर लगातार घट रही है। उन्होंने बताया कि मुसलमानों की आबादी वृद्धि दर 14.23 प्रतिशत रही, जबकि हिंदुओं की लगभग 80 प्रतिशत। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "अब आप कह रहे हैं कि तीन बच्चे पैदा करो। कौन होते हैं आप किसी के पारिवारिक जीवन में दखल देने वाले? महिलाओं की अपनी प्राथमिकताएं हैं। यह आरएसएस का दोहरा रवैया है।"
मोहन भागवत ने ऐसा क्या कहा जिस पर भड़के ओवैसी
गुरुवार को मोहन भागवत ने कहा था कि प्रत्येक भारतीय परिवार को तीन बच्चे होने चाहिए, ताकि जनसंख्या संतुलित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस किसी पर धार्मिक आधार पर हमला करने में विश्वास नहीं करता।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी मुसलमानों को "चोरी का सामान" और "मुगल बादशाह की औलाद" कहकर संबोधित किया है।
"धर्म संसद में कौन बुलवा रहा है नरसंहार के नारे?"
ओवैसी ने पूछा, "कौन लोग धर्म संसद आयोजित कर रहे हैं और खुलेआम मुसलमानों के नरसंहार और महिलाओं के बलात्कार की बातें कर रहे हैं? ये वही संगठन हैं जिन्हें आरएसएस समर्थन देता है।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में मुसलमानों के खिलाफ नफरत को संस्थागत रूप से बढ़ावा दिया गया।
बीजेपी को सत्ता से हटाने की अपील
ओवैसी ने कहा कि अब देश की जनता को यह पहचानना होगा कि बीजेपी को सत्ता से बाहर करना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "हम उन्हें यह आराम नहीं देंगे कि वे खुद से राजनीति से रिटायर हो जाएं। यह लोकतंत्र और जनता का काम है कि उन्हें राजनीतिक रूप से हमेशा के लिए रिटायर कर दिया जाए।"
इतिहास का उल्लेख करते हुए ओवैसी ने कहा कि 1937 में अहमदाबाद में हिंदू महासभा के अधिवेशन के दौरान विनायक दामोदर सावरकर ने दो-राष्ट्र सिद्धांत दिया था। बाद में 1940 में मुस्लिम लीग ने इसे आगे बढ़ाया।












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