नागरिकता कानून का विरोध हमारा हक लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से: असदुद्दीन ओवैसी
नई दिल्ली। हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि नागरिकता कानून का विरोध करना हमारा हक है लेकिन ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि हिंसा ना हो। पुलिस से इजाजत लें और उसके बाद प्रदर्शन करें। नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों में हिंसा और पुलिस कार्रवाई में मंगलुरू में दो लोगों की मौत को लेकर हैदराबाद में यूनाइटेड मुस्लिम एक्शन कमेटी की बैठक में उन्होंने ये बात कही।

ओवैसी ने कहा, विरोध जताना किसी भी नागरिक का हक है लेकिन हिंसा की निंदा करते हैं। विरोध प्रदर्शन किया जाना चाहिए, लेकिन शांति बनाए रखने पर ही यह सफल होगा। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि विरोध पुलिस की अनुमति लेने के बाद ही करें। लखनऊ, दिल्ली में हिंसा हुई। मंगलुरु में पुलिस की गोली से दो लोगों की मौत हो गई। अगर हिंसा होती है तो हम इससे खुद को अलग कर लेंगे
गुरुवार को नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान कर्नाटक के मंगलुरू में हिंसा हुई थी। पुलिस फायरिंग में दो लोगों की जान चली गई थी। जिसके बाद मंगलुरू के पांच पुलिस थानों में कर्फ्यू लगाया गया है। लखनऊ, संभल और उत्तर प्रदेश के भी कई हिस्सों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई।
बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट, 2019 को हाल ही में सदन से मंजूरी मिली है। इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है। कांग्रेस समेत ज्यादातर विपक्षी दल और कई सामाजिक संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं। देशभर की बड़ी यूनिवर्सिटियों के छात्र भी इसके खिलाफ सड़कों पर हैं। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि धर्म के आधार पर कानून बनाना भारत के संविधान पर हमला है।












Click it and Unblock the Notifications