Article 370: अब सिखों को भारत के खिलाफ भड़काने में जुटा पाकिस्तान

बेंगलुरु। जम्मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाये जाने के फैसले के विरोध में हर तरफ सिकश्‍त खाने के बाद पाकिस्तान इतना बौखला गया है कि भारत के खिलाफ वो हर दिन नये हथकंडे अपना रहा है। कश्‍मीर मुद्दे पर दुनिया को इस्लाम के नाम पर भड़काने में नाकाम होने के बाद अब पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी सियासत को बचाने के लिए नया दांव चला है। पाकिस्तान अब सिखों को मोहरा बना रहा है।

imran khan

इसी के तहत वह पाकिस्तान में सिखों का सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इतना ही नहीं पाकिस्तानी सिखों से सोशल मीडिया पर भारत विरोधी बयान देकर सिखों को भड़काने का प्रयास कर रहा है। इस सम्मेलन के बहाने वह भारत के विरोध में चल रहे खालिस्तानी मूवमेंट का भी हवा देना चाहता है।

31 अगस्त से पाकिस्तान में होगा अंतराष्‍ट्रीय सिख सम्मेलन

इसी को टारगेट को ध्‍यान में रखते हुए पाकिस्तान पंजाब प्रान्‍त में तीन दिवसीय अंतराष्‍ट्रीय सिख सम्मेलन करने जा रहा है। जिसमें दुनिया भर के कम से कम 50 सिख विद्धानों को आमंत्रित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने पंजाब प्रान्‍त के राज्यपाल सरदार उस्मान उरदा बुरदार को तीन दिवसीय अंतराष्‍ट्रीय सिख सम्मेलन आयोजन करने का आदेश दिया है।सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान इस सम्मेलन में शिरकत करने आए सिख विद्धानों से कश्‍मीर मसले को उठाने की अपील करेगा। यह सम्मेलन 31 अगस्त से 2 सिंतबर तक लाहौर में आयोजित किया जा रहा है। इस अधिवेशन में भारत, कनाडा, अमेरिका, बिट्रेन,फ्रांस और अन्‍य देशों के सिख विद्धान शामिल होंगे।

भारत अमेरिका, फ्रांस और कनाडा से आमंत्रित किए गए सिख विद्धान

"वर्तमान परिस्थितयों में बाबा गुरु नानक युग की प्रासंगिकता" इस सिख सम्मेलन का विषय रखा गया है। इस कार्यक्रम को लेकर पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने 50 सिख विद्धानों के लिए वीजा भी जारी कर चुका है। सूत्रों के अनुसार इस सम्मेलन में भारत के सबसे अधिक सिख विद्धानों को आमंत्रित किया है । भारत से लगभग 11 ,अमेरिका, फ्रांस से एक एक कनाडा से 7 और अन्य देशों के सिख सम्मेलन में हिस्सा लेगे। पंजाब प्रान्‍त सरकार के सूत्रों के अनुसार सभी अतिथियों को राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। अधिवेशन लाहौर में गर्वनर हाउस में आयोजित किया जा रहा है।

khalistan

खालिस्तान मूवमेंट

बता दें खालिस्तान मूवमेंट उन राष्ट्रवादी सिखों का आंदोलन है जो पंजाब के रूप में एक अलग राष्ट्र चाहते हैं। अभी हाल ही में सिंगर और रैपर हार्ड कौर का एक विडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाते और भारत व केंद्र सरकार को अपशब्द कहती दिख रही थी। जिसमें वह खालिस्तान समर्थकों के साथ खड़ी होकर उनके पक्ष में बातें करते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद हार्ड कौर पर देशद्रोह का केस दर्ज हुआ था। पाकिस्तान भारत से बदला लेने लिए विदेशी जमीन पर पनप रहे खालिस्तान मूवमेंट में शामिल सिक्ख लोगों को भारत के खिलाफ प्रयोग करने का नापाक मंसूबा बना रहा है।

सिख फॉर जस्टिस गैर कानूनी

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने न्यूसिख फॉर जस्टिस को गैर कानूनीयार्क में संचालित संगठन सिख फॉर जस्टिस को गैर कानूनी घोषित करते हुए उस पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। मंत्रालय के मुताबिक यह संगठन खालिस्तान के नाम पर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था जिससे खासतौर पर पंजाब की हालत बिगड़ रही थी। सरकार ने यह फैसला देश के कई सिख संगठनों से विचार विमर्श के बाद लिया है।

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