सीजफायर के दौरान जैश और लश्कर के 450 आतंकी अमरनाथ यात्रियों पर हमले की फिराक में - रिपोर्ट
नई दिल्ली। जहां एक तरफ गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर पहुंचकर यह संकेत दिया कि केंद्र घाटी में शांति के लिए अलगाववादियों से बात करने को तैयार है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय खुफिया एजेंसियों की मानें तो सीमा पार से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के करीब 450 नए आतंकी घुसपैठ की फिराक में है। इस रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) और खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाने के लिए इन आतंकियों को विशेष ट्रेनिंग दी है।

सीमा पार तैयार हुए 450 आतंकी
भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इन 450 आतंकियों में से ज्यादातर जैश के आतंकी हैं, जिन्हें पाकिस्तान आर्मी ने नियाली प्रांत में ट्रेनिंग दी है। पिछले कुछ महिनों में जम्मू कश्मीर में अटैक करने के लिए आईएसआई ने ज्यादातर जैश के आतंकियों का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा पाकिस्तान के जूरा में एसएसजी ने 61 लश्कर के आतंकियों को ट्रेनिंग दी है, वहीं बोई, मदरपुर, फागोश और देवलियान प्रांत में फिदायीन हमलों के लिए लश्कर के आतंकियों को तैयार किया है।

घाटी में कई आतंकी पहले से मौजूद
इस रिपोर्ट की मानें तो घाटी में अटैक करने के लिए फिलहाल 127 आतंकी भीमबेर गली के सामने, नौशेरा और पूंछ में 30-30, कृष्णा घाटी में 35, तंगधार में 61, केरान में 50, माछिल में 42, गुरेज में 16, उरी में 47 और नौगांव व रामपुर में 7-7 आतंकी मौजूद है।

घाटी में सीजफायर का बना मजाक
जम्मू कश्मीर में रमजान के मौके को देखते हुए केंद्र सरकार ने सीजफायर के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इसके बावजूद भी सेना और स्थानीय लोगों के बीच हिंसा की घटनाएं देखने को मिली है। रमजान के दौरान सेना के कई कैंपों पर आतंकियों ने ग्रेनेड अटैक भी किए हैं। घाटी में बढ़ते तनाव के बीच जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सीजफायर को जारी रखने के लिए केंद्र से गुहार लगा सकती है। बता दें कि इस साल अब तक पाकिस्तान की तरप से 1000 से ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ है।












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