सीनियर आर्मी अफसर की पत्नी ने जूनियर की बीवी को मारा थप्पड़, पीएम मोदी तक पहुंचा मामला
सेना अधिकारी की पत्नियों के बीच हुई जमकर मारपीट, मामला पहुंचा प्रधानमंत्री कार्यालय, अधिकारी को मिल रही है धमकी।
नई दिल्ली। भारतीय सेना का नाम सुनते ही आम लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है लेकिन इस बार सेना के अंदर से एक शर्मिंदा कर देने वाली खबर आई है। सेना के दो अधिकारियों की पत्नियों के बीच हुई एक झड़प की बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक जा पहुंची है। जिसके बाद पीएमओ ने सेना मुख्यालय से इसकी जांच रिपोर्ट भी मांगी है।

कार्यक्रम के दौरान भिड़ी ऑफिसर्स की पत्नी
यह घटना भठिंडा के सैन्य परिसर में स्थित चेतक ऑफिसर्स इंस्टिट्यूट (सीओआई) में उस वक्त हुई जब आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (अव्वा) के एक कार्यक्रम के दौरान सबके सामने कमांडिंग अफसर की पत्नी ने लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी के साथ पहले गाली-गलौज और फिर हाथापाई करना शुरू कर दिया।

पीएमओ पहुंचा मामला
यह घटना सेना के तमाम अफसरों और जवानों के सामने ही हो रही थी। उच्च अधिकारियों ने मामले को दबाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन पीड़ित औरत के अफसर पति ने मामले को आगे ले जाते हुए पीएमओ से गुहार लगाई है। पीड़ित अफसर ने अपनी शिकायत पीएमओ के अलावा गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, सीबीआई और पंजाब पुलिस के डीजीपी से की है।

अफसर को मिल रही धमकियां
अपनी शिकायत में उन्होंने अपनी बीवी को आगे और ज्यादा सताए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने अव्वा को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि उनको वहां से इंसाफ लेने से रोका जा सकता है। जिस तरह से सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर लोग आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं उसके अनुसार कमांडर ऑफिसर मामले को दबाने की कोशिश में लगे हुए हैं और पीड़ित अफसर को धमका भी रहे हैं।

क्या है अव्वा?
अव्वा सेना के कर्मचारियों के परिवार के कल्याण का काम करती है। यह संस्था सैन्य कर्मचारियों के बीवी-बच्चो के समग्र विकास के कार्य करती थी। इसके अलावा इस संस्था में जंग में शहीद हुए जवानों की विधवा पत्नियों की भी देख-रेख का काम किया जाता है।

सेना के हर अधिकारी की पत्नी होती है सदस्य
अव्वा एक गैर सरकारी संस्था है जिसकी अध्यक्ष सेना प्रमुख की पत्नी को बनाया जाता है। सेना के हर अधिकारी और जवानों की पत्नियों को अनिवार्य रूप से इसकी सदस्यता लेनी होती है और इसके सारे कार्यक्रमों में भाग लेना होता है। बीते कुछ सालों से अव्वा अपने गैर लोकतान्त्रिक रवैये के चलते विवादों के घेरे में रहा है।

सेना ने नहीं लिया एक्शन
गौरतलब है की सेना के अधिकारियों की पत्नियां आर्मी ऐक्ट के अंतर्गत नहीं आती हैं। यही वजह है कि तमाम अफसरों के सामने हुई इस घटना के दोषी के खिलाफ सेना ने कोई एक्शन नहीं लिया है।












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