सेना को तीन दिन पहले मिला था उरी अटैक का अलर्ट, फिर भी नाकाम
नई दिल्ली। उरी आर्मी बेस पर हुए आतंकी हमले को लेकर तीन दिन पहले ही खुफिया एजेंसियों ने सेना को अलर्ट जारी कर दिया था। लेकिन फिर भी सेना हमले को रोकने में नाकाम रही। एजेंसियों ने सेना को एलओसी के पास लश्कर के आठ आतंकी मौजूद होने और उरी को टारगेट करने से संबंधित इनपुट दिए थे।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों ने बता दिया था कि लश्कर के आठ आतंकियों के अलावा दूसरे ग्रुप भी हमले की योजना से एलओसी पार कर चुके हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि लश्कर आतंकी उरी आर्मी बेस पर हमला बोल सकते हैं। ये आतंकी 28 अगस्त से आर्मी बेस की गतिविधियों पर ऊंची जगह बैठकर नजर रख रहे थे।
सभी सुरक्षाबलों को भेजा गया था अलर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, एक खुफिया अधिकारी ने बताया, 'खुफिया अलर्ट सभी सुरक्षाबलों और सेना से भी साझा किया गया था। सूचना में सीधे तौर पर चेताया गया था कि आतंकी आर्मी बेस को निशाना बना सकते हैं।'
तो क्या सेना की लापरवाही से हुआ हमला?
अगर खुफिया अधिकारियों का दावा सही है तो उरी आर्मी बेस पर हुआ हमला सेना की नाकामी ही माना जाएगा। जम्मू-कश्मीर जैसी जगह पर जहां हर वक्त जवानों को हाईअलर्ट रहना चाहिए वहां ऐसी लापरवाही होना चिंता का विषय हो सकता है। खुफिया एसेंजियों ने एक बार फिर चेताया है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में नवाज शरीफ के भाषण के बाद करीब 100 आतंकी देश की सीमा में घुसपैठ करने को तैयार हैं।
गौर करने वाली बात ये है कि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी माना है कि उरी हमले में कहीं न कहीं चूक तो हुई है।












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