सेना प्रमुख नरवणे ने लद्दाख में चीनी सैनिकों से लोहा लेने वाले सैनिकों को किया पुरस्कृत
नयी दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख में विभिन्न अग्रिम इलाकों का दौरा किया और चीनी सेना के साथ हुई हिंसक झड़प के मद्देनजर सेना की तैयारियों का जायजा लेने के बाद चीनी सैनिकों से लोहा लेने वाले भारतीय सैनिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। जनरल नरवणे लद्दाख की दो दिवसीय यात्रा पर लेह पहुंचे हैं। भारतीय इंटरसेप्ट से पता चला है कि मुठभेड़ में 43 चीनी सैनिक की मौत और गंभीर रूप से घायल हुए थे।
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गौरतलब है सेना प्रमुख ने मंगलवार दोपहर को उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी, 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ क्षेत्र में संपूर्ण सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया था। इस मामले में सेना द्वारा किए गए एक ट्वीट में कहा गया है कि सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने पूर्वी लद्दाख में अग्रिम इलाकों का दौरा किया और हालात की समीक्षा की।

पूर्वी लद्दाख में विभिन्न इलाकों में दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने सैनिकों के ऊंचे मनोबल के लिए उनकी प्रशंसा की और उन्हें उत्साह से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।" लेह पहुंचने के बाद जनरल नरवणे तत्काल सेना के अस्पताल पहुंचे जहां गलवान घाटी में 15 जून को झड़प में घायल हुए 18 सैनिकों का इलाज चल रहा है। अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान लद्दाख के सांसद जम्यांग त्सेरिंग नामग्याल से भी बातचीत की।

उल्लेखनीय है चीनी सेना के साथ गलवान घाटी में हुई झड़प में भारतीय सेना के 20 कर्मी शहीद हो गए थे और 18 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जनरल नरवणे द्वारा प्रदान किए गए "प्रशस्ति पत्रों" के बारे में पूछे जाने पर सेना के एक सूत्र ने कहा कि सेना प्रमुख जब भी सैन्य इकाइयों के दौरे पर जाते हैं तब ड्यूटी के दौरान असाधारण प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को वहीं प्रशस्ति पत्र देने का नियम है। सूत्रों ने बताया कि हालिया मामले में भी कर्मियों को ड्यूटी के प्रति समर्पण के लिए पुरस्कृत किया गया।












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