Apple Layoffs: छंटनी की आंधी में एप्पल भी शामिल, कई कर्मचारियों को बाहर निकालने की बन रही योजना
बताया जा रहा है कि एप्पल कुछ ही लोगों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाएगा। हालांकि ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोगों को निकाला जाएगा।

Apple Layoffs: गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा, अमेजन समेत कई दिग्गज कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया है। इस बीच छंटनी के तूफान में दिग्गज टेक कंपनी एप्पल भी इसकी चपेट में आ गई है। इस बीच आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल भी अपने कई कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है। ऐसा पहली बार होगा जब एप्पल अपने कर्मचारियों की छंटनी करेगा। हालांकि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अभी तक छंटनी की घोषणा नहीं की है। लेकिन बताया जा रहा है कि कंपनी बहुत ही स्मॉल स्तर पर छंटनी करेगी। इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है कि कितने लोगों की छंटनी होगी। लेकिन कहा जा रहा है कि कम ही लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
वहीं, इससे पहले दुनिया की सबसे बड़ी फास्ट-फूड चेन कंपनी में शामिल मैकडॉनल्ड्स पर भी आर्थिक मंदी का गहरा असर हुआ है। मैकडॉनल्ड्स ने अमेरिका में अपने कई रेस्टोरेंट को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। इसके साथ-साथ कंपनी जल्द ही कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी भी करने की तैयारी कर रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक बर्गर फूडचेन मैकडॉनल्ड्स कॉर्प ने पिछले हफ्ते अमेरिकी कर्मचारियों और कुछ अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों को भेजे गए मेल में सोमवार से बुधवार तक घर से ही काम करने का सलाह दिया है। माना जा रहा है कि मैकडॉनल्ड्स ने यह निर्णय इसलिए लिया है ताकि वह छंटनी के बारे में वर्चुअल तरीके से कर्मियों को बता सके।
वहीं, माइक्रोसॉफ्ट में छंटनी का सिलसिला लगातार जारी है। इस बीच अब माइक्रोसॉफ्ट की कंपनी गिटहब ने भारत में अपनी पूरी इंजीनियरिंग टीम को निकाल दिया है, जोकि अमेरिका के बाद इंडिया में कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा डेवलपर्स का ग्रुप था। GitHub में छंटनी के कारण लगभग 142 इंजीनियरिंग के कर्मचारियों पर असर पड़ा है। GitHub को Microsoft द्वारा 2018 में वापस अधिग्रहित किया गया था और अक्टूबर 2022 तक कंपनी का रेवेन्यू $1 बिलियन सालाना था।
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हाल की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि भारत में पिछले कुछ महीनों में दिग्गज कंपनियों में हुई ताबड़तोड़ छंटनी के कारण भारत में कम से कम 36,400 लोग बेरोजगार हुए हैं। इनमें से अधिकांश नौकरी स्टार्टअप से जुड़ी थीं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कम से कम 82 स्टार्टअप्स ने 23,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है, और यह संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। टेक सेक्टर में हो रही छंटनी पर नजर रखने वाली वेबसाइट layoff.fyi.के रिपोर्ट के मुताबिक कई स्टार्टअप कंपनियों ने तो अपने 100 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। इसमें Lido Learning, SuperLearn और GoNuts जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं।
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