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नौकरियों में आरक्षण पर BJP के सहयोगी दलों ने दिखाए तेवर, अनुप्रिया पटेल के बाद संजय निषाद ने दी नसीहत

केंद्रीय मंत्री व अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने रिजर्वेशन के मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने सरकारी नौकरियों में बिना भेदभाव के ओबीसी उम्मीदवारों की नियुक्ति पर जोर दिया। वहीं अब आरक्षण को लेकर एनडीए के सहयोगी दल निषाद पार्टी के नेता ने संजय निषाद ने योगी सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि अगर आरक्षण का मुद्दा सही से उठाया नहीं गया तो हमें भी नुकसान उठाना पड़ेगा।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बड़ा दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नौकरियों में नियुक्तियों के लिए साक्षात्कार के दौरान ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों अयोग्य घोषित कर दिए गए और बाद में रिक्त पड़े पदों को अनारक्षित कोटे से भरने की घोषणा की गई।

Anupriya Patel over reservation

सीएम योगी को इस संबंधन में लिखे एक पत्र में अनुप्रिया पटेल ने सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए कहा, "आप भी इस बात से सहमत होंगे कि अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार इन परीक्षाओं में न्यूनतम योग्यता अंक हासिल करते हैं और अपनी योग्यता के आधार पर साक्षात्कार भी पास करते हैं। दुर्भाग्य से, उन्हें अभी भी अस्वीकार कर दिया गया है।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सीटों को कथित अपात्रता के कारण अनारक्षित घोषित किए बिना केवल आरक्षित श्रेणियों से ही भरा जाना चाहिए।

अपना दल (एस) 2014 से केंद्र में और 2017 से यूपी में मोदी सरकार की सहयोगी रही है। ये पहला मौका है जब अनुप्रिया पटेल ने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को लेकर ऐसी चिंता जताई। अपना दल (एस) 2014 से केंद्र में और 2017 से यूपी में मोदी सरकार की सहयोगी रही है।

वहीं आरक्षण के मुद्दे पर एनडीए के घटक दलों में शामिल निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने भी नौकरियों में रिजर्वेशन के मुद्दे पर बीजेपी को ही निशाने पर लिया। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखे गए पत्र पर यूपी के मंत्री संजय निषाद ने कहा, "कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बीएसपी आरक्षण के कारण ही खत्म हुईं। आरक्षण से जुड़ी विसंगति को दूर करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस मामले पर चर्चा होनी चाहिए।"

निषाद पार्टी ने नेता ने आगे कहा कि आरक्षण संविधान में दिया गया अधिकार है। आरक्षण में विसंगति को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि कुछ कमियां हैं तो दूर हो जाएं। कई मुद्दे चर्चा से हल हो जाते हैं। सरकार में रहते हैं तो कई बार मुद्दों का चर्चा से समाधान हो जाता है।"

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