तंबाकू अभियान की पोस्टर गर्ल सुनीता के इलाज के लिए सरकार ने एक पैसा नहीं दिया?
मुंबई। भारत में एंटी टोबैको कैंपन का फेस रहीं श्रीमती सुनीता तोमर का हाल ही में देहांत हो गया है। तंबाकू के खिलाफ चल रही उनकी जंग में वो हार गईं लेकिन उनके जाने के बाद उनका पूरा परिवार बदहाली से जूझ रहा है। उनके पति बृजेंद्र सिंह तोमर जो कि पेशे से ड्राईवर हैं ने दावा किया है कि सुनीता के इलाज के लिए उन्हें सरकार की ओर से एक पैसे की मदद नहीं मिली है।
उन्हें केवल स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की ओर से एक नारियल मिला था वो साल 2014 में। सुनीता की मौत के बाद उनके पति के ऊपर साढे़ तीन लाख का कर्ज चढ गया है जो कि उन्होंने सुनीता के इलाज के लिए अलग-अलग लोगों से लिये थे। सुनीता अपने पीछे अपने दो बेटों को छोड़ गई है।
आपको बता दें कि भारत में एंटी टोबैको कैंपन का फेस रहीं श्रीमती सुनीता तोमर की पिछले दिनों एमपी के अपने पैतृक गांव में मौत हो गई थी।इससे पहले उनको मुंबई के टाटा मेमोरिय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि टाटा अस्पताल का कहना है कि सुनीता यहां बहुत बुरी हालत में आयी थीं, जिसकी वजह से उन्हें बचाया नहीं जा पाया।उनके इलाज के लिए सोशल वेलयेफर डिपार्टमेंट ने मदद की थी।













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