कर्नाटक विधान परिषद में पास हुआ धर्मांतरण विरोधी विधेयक, कांग्रेस ने किया वॉकआउट
बेंगलुरु, सितंबर 15। कर्नाटक में धर्मांतरण विरोधी विधेयक को लेकर भाजपा और कांग्रेस में जबरदस्त घमासान जारी है। गुरुवार को विधान परिषद से इस विधेयक को पास करा लिया गया। विधानसभा से यह विधेयक पहले ही पारित हो गया है। विधान परिषद में इस विधेयक की पेशी के बाद कांग्रेस पार्टी ने सदन से वॉक आउट किया।

संवैधानिक अधिकारों को किया जा रहा है खत्म- कांग्रेस
धर्मांतरण विरोधी विधेयक को लेकर कांग्रेस पार्टी के विधायक प्रियांक खड़गे ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रियांक ने कहा कि यह सरकार एक व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों को खत्म करने के लिए काम कर रही है। यह अनुच्छेद 25 से 28 का उल्लंघन है। राज्य सरकार के पास जबरन धर्मांतरण की संख्या का कोई डेटा नहीं है।
वहीं धर्मांतरण विरोधी विधेयक पर कर्नाटक के कानून मंत्री जेसी मधुस्वामी ने कहा कि हम अपने धर्म की रक्षा कर रहे हैं। जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए हम यह बिल लाए हैं। हमने किसी की स्वतंत्रता पर निशाना नहीं साधा है।
आपको बता दें कि धर्मांतरण विरोधी विधेयक इससे पहले गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र के द्वारा उच्च सदन में पेश किया गया था। आपको बता दें कि विधेयक को पहले पिछले साल दिसंबर में विधानसभा में पारित किया गया था, लेकिन बहुमत की कमी के कारण परिषद में पेश नहीं किया गया था। ऊपरी सदन में विधेयक लंबित होने के कारण भाजपा सरकार ने इस साल मई में एक अध्यादेश के जरिए इसे पास कराया था। इस मामले पर सत्ता पक्ष और विपक्षी खेमे दोनों के नेता सदन में बहस करते रहे हैं।












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