ईडी ने पी चिदंबरम का इंद्राणी से लिंक को लेकर किया एक और बड़ा सनसनीखेज खुलासा
नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ आईएनएक्स मीडिया मामले में जांच चल रही है, इसी मामले में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया है। आईएनएक्स मीडिया मामले में जांच के दौरान हर रोज इस मामले की नई कड़ियां खुल रही है। मामले की जांच कर रही ईडी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आईएनएक्स ग्रुप के पीटर और इंद्राणी मुखर्जी से कहा था कि वह कार्ति चिदंबरम का खयाल रखें। बता दें कि शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को 26 अगस्त तक ईडी द्वारा गिरफ्तारी से राहत दी थी। सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले की सुनवाई करेगा।

बड़ा षड़यंत्र
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ईडी ने शुक्रवार को केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जांच में यह बात सामने आई है कि पी चिदंबरम के पास 11 अचल संपत्ति और 17 बैंक खाते विदेश में हैं। लिहाजा उनसे कस्टोडियल रिमांड में पूछताछ की जरूरत है, जिससे की इस षड़यंत्र से परदा उठ सके। सबसे दिलचस्प बात जो सामने आई है वह यह कि जिस आदमी के नाम से तमाम फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं, उसने अपनी विरासत को चिदंबरम की पोती के नाम कर दिया है। चिदंबरम के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पी चिदंबरम ने जांच के दौरान जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग किया है, लिहाजा उनकी उनकी हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है।
फर्जीवाड़े का दावा
बता दें कि पी चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चल रहा है। उनके खिलाफ सीबीआई ने 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था, उनके खिलाफ एफआईपीबी द्वारा फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। जिसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ईडी ने कई अहम दस्तावेज और सबूत इकट्ठा किए हैं, जिसमे मनी लॉन्ड्रिंग साफ तौर पर की गई है। उन्होंने दावा किया गया है कि चिदंबरम के विदेश में बैंक खाते फर्जी कंपनियों के नाम से हैं, लिहाजा उनकी हिरासत में पूछताछ की जरूरत है, जिससे कि सच सामने आ सके।
जवाब देने का भी मौका नहीं मिला
तुषार मेहता ने कहा कि सीबीआई ने इंद्राणी मुखर्जी का बयान दर्ज किया है, जिसे ट्रायल के दौरान साबित किया जाएगा। पूछताछ में सामने आएगा कि पी चिदंबरम ने इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के साथ मुलाकात की थी और एफआईपीबी में का अप्रूवल हासिल किया था। इस मामले में चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि ईडी के नोट का जवाब देने के लिए भी समय नहीं दिया गया।












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