पशुधन और पशुपालन के लिए 28,343 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान
नई दिल्ली- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनके सहयोगी वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के मेगा पैकेज की विस्तृत जानकारी देने के लिए आज लगातार तीसरे दिन देश के सामने आए। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने जो कोरोना वायरस और लॉकडाउन से हुए नुकसान से अर्थव्यवस्था और देश को संभालने के लिए ऐतिहासिक राहत पैकेज का ऐलान किया है उसमें से 28,343 करोड़ रुपये सिर्फ पशुधन और पशुपालन के लिए हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में ही कहा था कि वित्त मंत्री बारी-बारी से समाज के हर वर्ग और अर्थव्यस्था के हर सेक्टर की सहायता के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी देंगी।

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केंद्र सरकार ने एनिमल हसबैंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की सहायता के लिए 15,000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है। यह राशि डेयरी प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और चारा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में खर्च किया जाएगा। सरकार ने कहा है कि देश में कई इलाकों में दूध का उत्पादन बढ़ाने की बहुत अधिक क्षमता है और इसी के मद्देनजर निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह रकम दिया है। इसके तहत दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट के निर्यात के लिए लगने वाले प्लांट को सहायता दी जाएगी।

इसी तरह देश में बहुत बड़ी आबादी पशुधन पर निर्भर है। केंद्र सरकार ने पशुधन को बीमारियों से रक्षा के लिए ने 13,343 करोड़ रुपये से नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसकी 100 फीसदी राशि पशुओं, जैसे कि भैंस, भेड़, बकरी और सूअरों के टीकाकरण में इस्तेमाल की जाएगी। ये पशु अक्सर फूट एंड माउथ डिजीज जैसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं और उसे जड़ से मिटाने के लिए यह योजना लॉन्च की गई है। देश में कुल 53 करोड़ जानवर हैं और ये रकम उन 100 फीसदी जानवरों को टीका देने में इस्तेमाल किया जाएगा। इस वक्त देश में 1.5 करोड़ गायों और भैसों को टैग किया जा चुका है और उन्हें टीके दिए जा चुके हैं।












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