आठ दिनों के अनशन में अन्ना हो गये बेहद कमजोर

अन्ना हजारे से महाराष्ट्र सरकार ने अनशन तोड़ने के लिए कहा था लेकिन उन्होने संसद में बिल पारित होने तक ऐसा करने से मना कर दिया। अन्ना ने कहा कि कांग्रेस ने दो साल पहले वादा कर बिल पास नहीं किया था। इस बार भी ये लोग ऐसा ही कर सकते हैं। इसलिए जब तक बिल पास नहीं हो जाता, मैं अनशन पर बैठा रहूंगा। भले ही जान ही क्यों न निकल जाय।
उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एहतियाती उपाय के तहत समीप के यादवबाबा मंदिर के एक कक्ष को पूर्ण सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में बदल दिया है।
पठारे ने हालांकि कहा कि अभी तक अन्ना को अस्थायी आईसीयू में ले जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन उनकी देखभाल कर रही चिकित्सकीय टीम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है।












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