अनिल देशमुख केस: रिपोर्ट लीक मामले में सीबीआई के पूर्व उपनिरीक्षक को मिली जमानत
नई दिल्ली,15 फरवरी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार संबंधित प्रारंभिक जांच रिपोर्ट लीक मामले में सीबीआई के पूर्व उपनिरीक्षक अभिषेक तिवारी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में अभिषेक तिवारी जितने ही आरोपी देशमुख के वकील आनंद डागा और उनके सोशल मीडिया मैनेजर गजेन्द्र तुमाने को पहले ही जमानत दी गई है। इसलिए सीबीआई के पूर्व उपनिरीक्षक को भी बेल दी जाती है।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने 11 फरवरी को जारी अपने एक आदेश में अभिषेक तिवारी को एक लाख रुपए जमानती बॉन्ड और इतनी ही राशि के एक मुचलके की शर्त पर जमानत दी। कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि आरोपी करीब पांच महीने से न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने कहा कि आवेदक अभिषेक तिवारी को 1,00,000 रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर जमानत पर रिहा किया गया है।
यह भी पढ़ें: अनिल देशमुख की डिफॉल्ट जमानत याचिका पर 18 जनवरी को फैसला सुनाएगी मुंबई की विशेष अदालत
इसके अलावा, अदालत ने जमानत देते हुए यह भी कहा कि तिवारी सीबीआई के एक पूर्व अधिकारी हैं और इसलिए, समाज में उनकी जड़ें हैं। वर्तमान मामले के आरोप बड़े पैमाने के आर्थिक अपराधों से संबंधित नहीं हैं, इसलिए, इसे गंभीर अपराधों की श्रेणी में आने के लिए नहीं कहा जा सकता है। इसके अलावा, लगभग समान भूमिका वाले अन्य आरोपी व्यक्तियों को पहले ही 31 जनवरी के विस्तृत आदेश के तहत जमानत पर रिहा कर दिया गया है। इसलिए, समानता के आधार पर, आरोपी अभिषेक तिवारी भी जमानत के हकदार हैं। बता दें कि पिछले महीने इसी अदालत ने मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के वकील आनंद डागा और उनके सोशल मीडिया मैनेजर गजेंद्र तुमाने को जमानत दी थी।












Click it and Unblock the Notifications