आंध्र प्रदेश: टिकट को लेकर असमंजस में फंसे उम्मीदवार, चुनाव नजदीक आते ही YSRC-TDP के नेताओं की बढ़ी चिंता
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में अगले साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है। चुनाव नजदीक आते ही सरगर्मियां बढ़ गई हैं। आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी वाईएसआरसीपी और विपक्षी पार्टी टीडीपी नेताओं में चिंताएं बढ़ गई हैं। चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले उम्मीदवार टिकट को लेकर चिंतित हैं।
दोनों पार्टियों के उम्मीदवार पूर्ववर्ती अविभाजित अनंतपुर जिले में पार्टी टिकटों के आवंटन को लेकर चिंतित हैं। क्योंकि, मौजूदा विधायकों और निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों के लिए सीटों के आवंटन में संभावित बदलाव की खबरें फैल गई हैं। जिसको लेकर उम्मीदवारों के बीच चिंताएं बढ़ गई हैं। वाईएसआरसी नेताओं ने टिकट पाने के लिए पार्टी नेतृत्व की अच्छी किताबों में रहने के लिए अपनी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है।

बता दें कि दोनों पार्टियों में दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों ने अधिकतम विधानसभा सीटें जीतने के लिए बीसी का विश्वास जीतने पर जोर दिया है। टीडीपी-जेएसपी गठबंधन की घोषणा से पहले विपक्षी दल के कई दावेदार हैं। जिन्होंने पहले से ही अपनी जमीन तैयार कर ली थी, अब असमंजस में हैं।
ऐसी अटकलें हैं कि वाईएसआरसी ताड़ीपत्री, उरावकोंडा, रायदुर्गम, कल्याणदुर्गम, पेनुकोंडा और राप्टाडु सीटें बीसी और कादिरी अल्पसंख्यकों को आवंटित कर सकती है। अनंतपुर सीट किसी बीसी या अल्पसंख्यक नेता के पास जाने की संभावना है।
श्री सत्य साईं जिले के वाईएसआरसी अध्यक्ष एम शंकर नारायण ने कहा कि हमें जनवरी के अंत तक टिकट जारी करने पर स्पष्टता मिल जाएगी। पार्टी नेतृत्व टिकटों के आवंटन के लिए विभिन्न कारकों पर विचार कर रहा है। वाईएसआरसी अपनी सामाजिक सशक्तिकरण पहल के तहत बीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक समुदायों को प्राथमिकता दे रही है।
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