आंध्र प्रदेश: प्रशांत किशोर की चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात के बाद YSRC खेमे में खलबली, जानें क्या है इसके मायने
Andhra Pradesh News: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने टीडीपी नेता नारा लोकेश और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की है। हालांकि, उन्होंने इस बैठक को कम महत्व दिया है, लेकिन जानकार लोगों ने सुझाव दिया कि बड़ी योजनाएं चल रही हैं।
प्रशांत किशोर ने 2021 में घोषणा की थी कि वह चुनावी रणनीतिकार के रूप में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लेकिन इस बीच उन्होंने चुनाव वाले राज्य आंध्र प्रदेश का दौरा किया है। चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात के बाद उनके पूर्व क्लाइंट वाईएसआरसीपी में खलबली मच गई है।

लोगों के बीच चर्चा ये चल रही है कि क्या किशोर ने वाईएसआरसीपी के बजाय टीडीपी को चुना है? ऐसा लगता है कि प्रशांत किशोर के पूर्व सहयोगियों के नेतृत्व वाली दो कंसल्टेंसी फर्म हैं। रॉबिन शर्मा द्वारा संचालित शोटाइम कंसल्टिंग फर्म है, जो टीडीपी के साथ काम कर रही है।
वहीं, ऋषि राज सिंह के नेतृत्व में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) चल रही है, जो आंध्र प्रदेश में YSRCP के साथ काम कर रही है। प्रशांत किशोर ने 2019 के चुनाव में आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसी को चुनाव जीताकर सबको चौंका दिया था। इसके बाद से आंध्र प्रदेश में प्रशांत किशोर की चांदी हो गई थी। वाईएसआरसी नेता जगन मोहन रेड्डी मुख्यमंत्री बने थे।
उन्होंने उस चुनाव में उम्मीदवारों के चयन से लेकर घोषणापत्र डिजाइन तक के कार्यों को संभालते हुए पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन इस बार उन्होंने मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कट्टर प्रतिद्वंद्वी चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात करके यू-टर्न ले लिया है।
हालांकि, उन्होंने खुद को चुनावी रणनीतियों से दूर कर लिया है। 2 अक्टूबर 2022 को पूरे बिहार में "जन सुराज" नाम से पदयात्रा (वॉकथॉन) के साथ अपनी राजनीतिक शुरुआत की थी।
यह भी पढ़ें- 'मेरी विचारधारा कांग्रेस के करीब, अब फैसला लेना...', प्रशांत किशोर का लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा बयान












Click it and Unblock the Notifications