AN-32: अपने पायलट पति को रडार से गायब होते देख रही थीं उनकी पत्नी
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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के विमान एएन-32 का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस विमान में क्रू मेंबर्स समेत 13 लोग सवार थे। सोमवार दोपहर करीब 12.25 बजे जोरहाट से उड़ान भरने के बाद इस विमान का संपर्क टूट गया था। इस विमान को पायलट आशीष तंवर उड़ा रहे थे। हरियाणा के पलवल के रहने वाले आशीष की पत्नी संध्या तंवर भी वायुसेना में हैं और जब आशीष तंवर ने जोरहाट बेस स्टेशन से उड़ान भरी, उस वक्त संध्या तंवर एयर ट्रैफिक कंट्रोल में ड्यूटी पर थीं।

संध्या ने घरवालों को फोन कर विमान के लापता होने की खबर दी थी
फ्लाइट लेफ्टिनेंट आशीष तंवर के चाचा उदयवीर सिह ने बताया कि दोपहर 1 बजे उड़ान से संपर्क टूट गया था, और संध्या ने उन लोगों को एक घंटे बाद फोन कर इसके बारे में बताया था। IAF के अधिकारियों ने बताया कि सभी संसाधनों का इस्तेमाल विमान की तलाशी के लिए किया जा रहा है, रडार, उपग्रह, हेलीकॉप्टरों को सर्च ऑपरेशन में लगाया है, लेकिन परिजनों के लिए एक-एक मिनट गुजारना मुश्किल हो रहा है।

आशीष के पिता असम गए हैं
उदयवीर सिंह ने बताया, 'शुरू में हम उम्मीद कर रहे थे कि विमान चीन की सीमा में दाखिल हो गया हो और हो सकता कि आपात लैंडिंग करने में कामयाब रहा हो, लेकिन उस स्थिति में भी, विमान में सवार लोगों ने अब तक संपर्क किया होता।' उन्होंने कहा, 'आशीष के पिता असम गए हैं ताकि अधिकारियों से जल्द से जल्द कुछ अपडेट मिले, लेकिन मां घर पर ही हैं और वह बुरी तरह घबराई हैं, बहुत मुश्किल से वह बोल पा रही हैं।'

आशीष के पिता सेना से रिटायर्ड हैं, बहन भी है वायुसेना में
जब से आशीष तंवर के विमान के साथ लापता होने की खबर आई है, उस वक्त से ही उनके घर पर आने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है। आशीष के पिता राधेलाल 5 भाई हैं। राधेलाल भी सेना में थे और अब रिटायर्ड हो चुके हैं। आशीष के अंकल ने बताया वह बहुत कम उम्र से ही देश की सेवा करना चाहता था। आशीष के तीन अंकल भी सेना में हैं जबकि बहन भारतीय वायुसेना में है।

पलवल के रहने वाले हैं आशीष तंवर
आशीष के चाचा शिवनारायण पहले की बातें को याद करते हुए कहते हैं, 'जब आशीष छोटा था, तब मैंने उससे पूछा कि बड़ा होकर क्या बनेगा? उसने तुरंत कहा कि वह सोल्जर बनेगा। फौजी का बेटा फौजी ही बनता है।' शिवनारायण पलवल में ही एक स्कूल चलाते हैं। पिता के फौज में होने के कारण आशीष भी उनकी पोस्टिंग के दौरान कई शहरों में रहे और इस तरह वह पलवल में कम ही रह पाए हैं। कुछ सालों पहले ही आशीष के पिता ने हुडा सेक्टर 2 में जमीन खरीदी और वहां मकान बनवा रहे हैं। बीटेक करने के बाद आशीष ने एमएनसी में 2-3 महीने नौकरी भी की थी और दिसंबर 2013 में वायुसेना में शामिल हुए थे।
2018 में आशीष और संध्या की हुई थी शादी
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मई 2015 में आशीष जोरहाट चले गए, जहां संध्या से उनकी मुलाकात हुई। संध्या मथुरा की रहने वाली हैं। रिश्तेदारों ने बताया कि दोनों ने फरवरी 2018 में शादी की। वे 2 मई को छुट्टी पर घर आए थे और पलवल से 18 मई को बैंकॉक चले गए थे। इसके बाद वे सीधे असम पहुंचे थे। शिवनारायण कहते हैं कि किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। घर पर लोगों की भीड़ लगी रहती है और हम लोगों का एक-एक पल अपडेट के इंतजार में गुजर रहा है।












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