अमृतसर ट्रेन हादसा: चीख पुकार की दर्दनाक आवाजों के बीच एक साथ जलाई गईं 20 चिताएं
अमृतसर। पंजाब के अमृतसर ट्रेन हादसे ने पूरे देश के लोगों के दिलों को दहला कर रख दिया। मौत का ये खौफनाक मंजर जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई। रेल पटरियों पर मची भगदड़ में मारे गये लोगों का आज अंतिम संस्कार किया जा रहा है। जिससे इलाके में मातम पसरा है। यहां आज एक साथ बीस शवों को अंतिम संस्कार किया गया तो मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थी। चीख पुकार के बीच यहां हादसे में मारे गए लोगों की 20 चिताएं एक साथ जलीं। इस हादसे में एक परिवार में से चार लोग जिसमें मां उसकी दो बेटियां और गर्भवती बहू की मौत हो गई है।

घटना के घंटों बाद भी पड़ी थी लाशें
घटना के घंटों बाद भी नाराज लोग प्रशासन को शव हटाने नहीं दे रहे थे।कई शवों की पहचान भी नहीं हो सकी। रावण दहन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नवजोत कौर ने कहा कि इस घटना को लेकर राजनीति की जाना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि मैंने घर लौटने के बाद ही मौतों के बारे में सुना। मैंने फोन किया और पूछा कि क्या मुझे वापस आना चाहिए? लेकिन उन्होंने कहा कि वहां बहुत अराजक माहौल है। फिर भी मैंने फैसला किया कि मुझे घायल हुए लोगों को बचाना चाहिए, उनके पास जाना चाहिए।

हादसे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए- सिद्धू
स्थानीय नेता एवं पंजाब के कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू घायलों से मिलने अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल पहुंचे। सिद्धू ने कहा कि ट्रेन ने हॉर्न नहीं दिया इसलिए लोग समझ नहीं पाए। उन्होंने कहा कि इस हादसे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके बाद मीडिया से मुखातिब होने हुए सिद्धू ने कहा, यह बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। जिनकी मृत्यु हुई, उनकी भरपाई किसी तरह से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इस वक्त सबको कंधे से कंधा मिलाना चाहिए और जो हादसे में बचे लोगों को सहायता देनी चाहिए।

ट्रेन की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा थी
ट्रेन की रफ्तार करीब 100 किमी. प्रति घंटा थी। तेज रफ्तार इस ट्रेन ने ट्रैक पर मौजूद लोगों को कुचल दिया और देखते ही देखते 150 मीटर के दायरे में लाशें बिछ गईं। ट्रेन के ड्राइवर ने पूछताछ के दौरान बताया है कि सिग्नल ग्रीन था और इस वजह से उन्हें अंदाजा नहीं था कि पटरी पर इतने लोग खड़े हैं। अमृतसर के प्रथम उपमंडलीय मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने 61 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा था कि कम से कम 72 घायलों को अमृतसर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ये भी पढ़ें- कानपुर में रावण दहन के दौरान लगी भीषण आग, इस तरह से टाली गई ये अनहोनी घटना












Click it and Unblock the Notifications