एक्ट्रेस रन्या राव और सोने की तस्करी: दुबई से सोना लाने के क्या हैं नियम? जानें कितना गोल्ड ला सकते हैं भारतीय
Rules for bringing gold from Dubai: कन्नड़ और तमिल फिल्मों की एक्ट्रेस रन्या राव को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने उनके पास से 14.2 किलोग्राम सोना बरामद किया, जिसकी कीमत 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई। यह मामला सुर्खियों में आने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि दुबई से भारत कितना सोना लाया जा सकता है और इसके लिए क्या नियम हैं?
एयरपोर्ट पर तस्करी के बढ़ते मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों में कई यात्रियों को अवैध रूप से सोना लाते हुए पकड़ा गया है। रन्या राव का मामला भी इसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने स्पेशल जैकेट और बेल्ट में सोना छिपाकर लाने की कोशिश की थी, लेकिन DRI की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।

दुबई से कितना सोना ला सकते हैं भारतीय? जानें नियम
भारत सरकार ने सोना लाने की सीमा कस्टम नियमों के तहत निर्धारित की है। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का पालन नहीं करता या सीमा से अधिक सोना बिना घोषित किए लाता है, तो इसे अवैध माना जाता है।
Dubai gold Rules: ड्यूटी-फ्री सीमा
पुरुष यात्री: 20 ग्राम तक सोना (अधिकतम ₹50,000 मूल्य)
महिला यात्री और 15 साल से कम उम्र के बच्चे: 40 ग्राम तक सोना (अधिकतम ₹1,00,000 मूल्य)
विदेश में रहने वाले भारतीय (NRI) के लिए नियम
यदि कोई भारतीय नागरिक छह महीने से अधिक समय से विदेश में रह रहा है, तो वह 1 किलोग्राम तक सोना ला सकता है। लेकिन, इस पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी।
कस्टम ड्यूटी की दरें
पुरुष यात्रियों के लिए
- 20 ग्राम से 50 ग्राम पर 3%
- 50 ग्राम से 100 ग्राम पर 6%
- 100 ग्राम से अधिक पर 10% कस्टम ड्यूटी
महिला यात्रियों और बच्चों (15 वर्ष तक) के लिए
- 40 ग्राम से 100 ग्राम पर 3%
- 100 ग्राम से 200 ग्राम पर 6%
- 200 ग्राम से अधिक पर 10% कस्टम ड्यूटी
Dubai gold Rules: कब माना जाता है अपराध?
यदि कोई यात्री इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
अपराध माने जाने वाले हालात
- ड्यूटी-फ्री सीमा से अधिक सोना लाने पर उसकी घोषणा नहीं की जाती।
- सोना छिपाकर लाया जाता है।
- सोने की तस्करी के लिए विशेष जैकेट, बेल्ट या बॉडी टेपिंग जैसी तरकीबें अपनाई जाती हैं।
- अगर सोना काले धन या किसी अन्य अवैध गतिविधि से जुड़ा हो।
- अगर सोने को बार, बिस्किट या सिक्के के रूप में लाया जाता है और इसे कस्टम में घोषित नहीं किया जाता।
रन्या राव केस से क्या सबक?
रन्या राव का मामला यह दर्शाता है कि सोने की तस्करी एक बड़ा रैकेट बन चुका है, जिसमें फिल्मी सितारों से लेकर पुलिस अधिकारियों तक की संलिप्तता पाई जा रही है।
DRI और कस्टम अधिकारियों ने हाल ही में कई ऐसे मामलों का खुलासा किया है, जिसमें दुबई से सोना लाने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तस्करों का मुख्य उद्देश्य कस्टम ड्यूटी से बचना और अवैध रूप से अधिक सोना भारत लाना है। सोने की बढ़ती कीमतों और तस्करी पर कड़ी निगरानी के चलते अब एयरपोर्ट अधिकारियों की जांच पहले से ज्यादा सख्त हो गई है।












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