लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार मजदूरों को दिलवाएगी पूरा भुगतान

नई दिल्ली। पूरे देश में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च रात 8 बजे लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा कि मेरी आप सभी लोगों से अपील है कि अगले 21 दिन तक घर से बाहर ना निकलें। लॉकडाउन के बाद लोगों को किसी भी तरह की कोई समस्या ना हो इसके लिए हर संभव इंतजाम किए जा रहे हैं। कोरोना के संकट के बीच नागरिकों को आर्थिक संकट न झेलना पड़े इसके लिए केन्‍द्र सरकार हर मोर्चे पर काम आरंभ कर चुकी है।

लॉकडाउन में किसी को न हो आर्थिक तंगी

लॉकडाउन में किसी को न हो आर्थिक तंगी

मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस लॉकडाउन के दौरान कई राहतों की घोषणा की हैं इसके साथ ही अब श्रम मंत्रालय मजदूरों को समय पर और पूरा भुगतान मिले इसमें जुट चुका हैं। ऐसे में लॉकडाउन के बाद मजदूरों को आर्थिक तंगी नही होगी।

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    1 अप्रैल तक मिलेगा भुगतान

    1 अप्रैल तक मिलेगा भुगतान

    बता दें श्रम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे सभी मजदूरों का आगामी 1 अप्रैल तक पूरा भुगतान सुनिश्चित करवाए। श्रम मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और श्रम मंत्रियों को कहा निर्देश दिया है कि मजदूरों के भुगतान में ना तो कोई कमी की जाए और ना ही देरी करें। श्रम मंत्रालय ने ईपीएफओ के तहत 65 लाख पेंशनरों को समय पर पूरा पेंशन मुहैया कराने के लिए कहा है।

    मजदूरों को होगा पूरा भुगतान

    मजदूरों को होगा पूरा भुगतान

    इसके अलावा मजदूरों को डीबीटी के जरिए उनकी मजदूरी का भुगतान करने के साथ लेबर वेलफेयर बोर्ड के फंड से उनको धन मुहैया कराने को कहा है। मालूम हो कि इस फंड में लगभग 52 हजार करोड़ रुपए जमा हैं और इसके तहत पंजीकृत मजदूरों की संख्या लगभग साढ़े तीन करोड़ है। श्रम मंत्रालय ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को इसका उपयोग मजदूरों की समस्याओं के निदान करने में लगाने का आदेश दिया है।

    सरकार के सामने हैं ये चुनौती

    सरकार के सामने हैं ये चुनौती

    गौरतलब हैं केन्‍द्र सरकार और राज्य सरकारों के लिए आने वाला पूरा एक महीना और भी मुसीबत भरा होगा। सरकार के सामने एक तरफ जहां कोरोना के मरीजों की जान बचाना और उसका संक्रमण अब यही थम जाए उसके लिए प्रबंध करना तो है ही वहीं उतना ही बड़ी चुनौती आर्थिक हालात को संभालना है। पिछले कुछ महीनों से पहले ही देश आर्थिक तंगी क्षेल रहा था ऐसे में कोरोना का प्रकोप एक हर तरह से काल बन कर आया है।

     झेलना पड़ेगा ये संकट

    झेलना पड़ेगा ये संकट

    बता दें लॉकडाउन के कारण पूरे देश में कर्फ्यू जैसा ही माहौल अगले तीन सप्‍ताह तक रहेगा। ऐसे में लोगों को कोई आर्थिक तंगी न हो इसके लिए सरकार प्रबंध कर रही है। नौकरी पेशा लोगों के साथ रोज कमाकर खाने वालों और मजदूरों के लिए सरकार प्रबंध कर रही हैं। सरकार को उम्मीद हैं देश के नागरिकों के सहयोग इससे जल्‍द ही भारत निपट लेगा लेकिन आर्थिक हालात बिगड़े तो उनका असर लंबे समय तक रह सकता है। जिसका अंदेशा पीएम मोदी अपने संबोधन में बता भी चुके हैं।

    राज्य सरकार की है अहम भूमिका

    राज्य सरकार की है अहम भूमिका

    राज्यों में किसी भी कोरोना के संकट के बीच किसी भी तरह की छंटनी और नौकरियों में कमी न हो सरकार इसकी भी मॉनीटरिंग लगातार कर रही है। इसके अलावा लोगों के वेतन पर कोई संकट न आए उससे बचाने की भी कोशिश की जा रही है। सबसे ज्यादा अहम रोल राज्य सरकारों का है, इसलिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय और विभाग से संपर्क में रहकर बराबर दिशानिर्देश दे रही है।

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