'पीछे हटना, इस्तीफा देना आसान है लेकिन...', बालासोर साइट पर बैठे अश्विनी वैष्णव की तस्वीर क्यों है चर्चा में?
Ashwini Vaishnaw: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग तेज होने के साथ ही भाजपा नेता और कई मंत्री उनके समर्थन में सोशल मीडिया पर आ गए हैं।

Ashwini Vaishnaw Viral Photos: ओडिशा बालासोर रेल हादसे के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सबके सवालों के घेरे में आ गए हैं। 2 जून 2023 की शाम कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841) , बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12864) और मालगाड़ी के बीच हुई भीषण ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना में 275 लोगों की मौत हो गई है। सैकड़ों लोग घायल हैं।
विपक्षी नेताओं ने हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग की है। बालासोर रेल हादसे के बाद ट्विटर पर #AshwiniVaishnaw और #Resignation टॉप ट्रेंड करने लगा। इस ट्रेंड के साथ लोगों ने अश्विनी वैष्णव की आलोचना की और इस्तीफे की मांग की।
लेकिन आलोचनाओं के बीच #IStandwithAshwiniVaishnaw भी ट्रेंड में आया। इस ट्रेंड के साथ लोग रेल मंत्री के समर्थन में जुटे।
विपक्ष के इस्तीफे की मांग के बीच अश्विनी वैष्णव संवेदनशीलता के साथ बालासोर रेल हादसे के रेस्क्यू ऑपरेशन और मरम्मत कार्य का नेतृत्व कर रहे हैं। ये बात सोशल मीडिया यूजर को पसंद आई और उन्होंने इस बात के लिए अश्विनी वैष्णव की सराहना की है।
बालासोर रेल हादसे के अगले ही दिन शनिवार 03 जून की सुबह अश्विनी वैष्णव घटनास्थल पर पहुंच गए थे और 4 जून (खबर लिखे जाने तक) वह वहीं मौजूद हैं।
इस दौरान दुर्घटनास्थल से अश्विनी वैष्णव की कई तस्वीरें वायरल हुईं। इनमें से एक में रेल मंत्री को ट्रेन के क्षतिग्रस्त हिस्से के नीचे जाते हुए देखा गया था। तो दूसरी एक तस्वीर में अश्विनी वैष्णव को 3 जून की रात में अधिकारियों के साथ बालासोर साइट पर बैठे देखा गया था। इस तस्वीर को सैकड़ों ट्विटर यूजर ने शेयर किया है।
कई ट्विटर यूजर ने इस तस्वीर को शेयर कर ममता बनर्जी की उनके साथ तुलना की। सोशल मीडिया पर लोगों ने ओडिशा दुर्घटना के बाद अश्विनी वैष्णव के एक्शन और 2010 में ज्ञानेश्वरी रेल हादसे के बाद तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी के एक्शन पर सवाल उठाए। बता दें कि 2010 में हुए ज्ञानेश्वरी ट्रेन दुर्घटना के तुरंत बाद ममता बनर्जी कोलकाता में एक राजनीतिक रैली में शामिल हुई थीं। ज्ञानेश्वरी ट्रेन दुर्घटना में लगभग 150 लोगों की मौत हुई थी।
देखें अश्विनी वैष्णव के समर्थन में लोगों ने क्या कहा...?
एक ट्विटर यूजर @itsDivasChoice ने लिखा, ''पीछे हटना और इस्तीफा देना आसान है, लेकिन अश्विनी वैष्णव रेस्क्यू ऑपरेशन और मरम्मत कार्य की जिस तरह से निगरानी करते हुए सबसे आगे रहकर सच्चे नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहे हैं। वह भविष्य के नेताओं के लिए एक आदर्श हैं। देश आपके साथ खड़ा है सर।"
एक ट्विटर यूजर @talk2anuradha ने लिखा, ''जीरो मार्क्स जैसे कट-ऑफ के साथ आरक्षण का उपयोग कर प्रवेश पाने वाले अश्विनी वैष्णव को इस्तीफा देने के लिए कह रहे हैं। हैरानी वाली बात ये है कि ये उनके मेरिट के बारे में बात कर रहे हैं। उन्होंने आईआईटी और Wharton से पढ़ाई की है। 27 रैंक के साथ आईएएस क्रैक किया है। क्या आप कोटा के बिना यह सब करने की कल्पना कर सकते हैं?''
एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ''कोरोमंडल एक्सप्रेस त्रासदी के 25 घंटे बाद भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बालासोर में दुर्घटना स्थल पर मौजूद हैं।''
एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ''2010 में ट्रेन दुर्घटना के ठीक बाद ममता बनर्जी राजनीतिक रैली में व्यस्त थीं। लेकिन आज अश्विनी वैष्णव और पीएम नरेंद्र मोदी घटना स्थल पर हैं। फिर भी लोग चाहते हैं वो इस्तीफा दें।''
एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ''अश्विनी वैष्णव सीमेंस लोकोमोटिव के उपाध्यक्ष और जीई परिवहन के एमडी थे। मुझे विश्वास है कि वे इस गंभीर दुर्घटना की जड़ तक पहुंचेंगे और सुधारात्मक कदम उठाएंगे। उनका इस्तीफा मांगने वाले, क्या चाहते हो? उनकी जगह आप ममता बनर्जी को देखना चाहते हैं...।''
एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ''रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के चेहरे पर चिंता और हमदर्दी झलक रही है। बहुत दुख की बात है कि रेल हादसे पर गंदी राजनीति की जा रही है। मानवता के लिए दुखद दिन है लेकिन इनके लिए राजनीति मानव जीवन से अधिक महत्व रखती है #IStandwithअश्विनी वैष्णव''
यहां देखें कुछ और ट्वीट ...
सोशल मीडिया पर अश्विनी वैष्णव के एजुकेशन क्वालिफिकेशन के बारे में भी बहुत चर्चा हो रही है। अश्विनी वैष्णव ने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री ली है। उसके बाद उन्होंने आईएएस की परीक्षा क्रैक की।
अश्विनी वैष्णव 2021 में पहली बार रेल मंत्री बने। एक आईएएस अधिकारी के रूप में अश्विनी वैष्णव का करियर लंबा रहा है। बतौर आईएएस अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा में बड़े पैमाने पर काम किया है।












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