कौन हैं 'एक देश-एक चुनाव' वाले कमेटी के सदस्य हरीश साल्वे, जिन्होंने लड़ा था कुलभूषण का केस, ₹1 लिया था फीस
One nation, one election panel Harish Salve: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' यानी 'एक देश-एक चुनाव' को लेकर कमेटी गठित कर दी है। इस 8 सदस्यीय कमेटी में देश के प्रसिद्ध वकील हरीश साल्वे भी शामिल हैं। हरीश साल्वे भी सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं और देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक हैं।
8 सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे, वहीं इस कमेटी में अमित शाह, अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, एनके सिंह, सुभाष कश्यप और संजय कोठारी को रखा गया है। हालांकि लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कमेटी का हिस्सा बनने से मना कर दिया है।

Who is Harish Salve: कौन हैं हरीश साल्वे
-हरीश साल्वे भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के सबसे महंगे वकीलों में से एक हैं। वे 1 नवंबर 1999 से 3 नवंबर 2002 तक भारत के सॉलिसिटर जनरल के रूप में भी काम कर चुके हैं। जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार सत्ता में थी।
-हरीश साल्वे संवैधानिक, प्रशासनिक, वाणिज्यिक और कराधान कानूनों के विशेषज्ञ हैं। वे देश के सबसे सफलतम वकीलों में गिने जाते हैं।
-हरीश साल्वे का जन्म 22 जून 1955 को हुआ था। हरीश साल्वे के पिता दिवंगत कांग्रेस नेता एनकेपी साल्वे थे। वह पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। वहीं साल्वे की मां अंबृति साल्वे एक डॉक्टर थीं। साल्वे की शादी मीनाक्षी से हुई और उनकी दो बेटियां हैं।
- वकील बनने से पहले हरीश साल्वे कराधान में चार्टर्ड अकाउंटेंसी का काम करते थे। उन्होंने साल 1980 में जेबी दादाचंदजी एंड कंपनी में एक प्रशिक्षु के तौर पर अपना करियर शुरू किया था।
-सॉलिसिटर जनरल के पद से हटने के बाद वाजपेयी सरकार ने हरीश साल्वे को महाराष्ट्र के दाभोल में बिजली संयंत्र के बंद होने के बाद अमेरिकी बिजली दिग्गज एनरॉन द्वारा शुरू की गई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में देश के हितों की रक्षा के लिए नियुक्त किया था। लेकिन 2004 में यूपीए सरकार के सत्ता में आने के बाद उनकी जगह खावर कुरैशी को नियुक्त किया गया था।
- हरीश साल्वे ने 2017 में कुलभूषण जाधव मामले को इंटरनेशनल कोर्ट के सामने रखा था। उन्होंने आईसीजे को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा जाधव को दी गई मौत की सजा को निलंबित करने के लिए मना लिया। साल्वे ने उस मामले में कानूनी शुल्क के रूप में 1 रुपये फीस लिया था।
-सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरीश साल्वे को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मामलों में न्याय मित्र नियुक्त किया गया था। साल्वे को 2013 में इंग्लिश बार में भर्ती कराया गया था और बाद में ब्लैकस्टोन चैंबर्स में शीर्ष अंग्रेजी बैरिस्टर के तौर पर शामिल हुए थे।
-हरीश साल्वे ने सलमान खान का केस भी लड़ा था। इसके अलावा उन्होंने मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टाटा ग्रुप, आईटीसी लिमिटेड जैसे बड़े कॉरपोरेट्स के भी मामले देखे हैं।
- साल 2003 में हरीश साल्वे ने गुजरात दंगों की पीड़िता बिलकिस बानो का केस भी देखा था। वहीं आरुषि-हेमराज डबल मर्डर केस में बचाव पक्ष के वकील के रूप में काम किया था।












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