गुरुदासपुर में आतंकी ऑपरेशन खत्म, सभी आतंकियों की मौत, सर्च ऑपरेशन जारी
दीनानगर। आज देश में फिर से एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, आज दहशतगर्तों ने एक बार फिर से कायराना हरकत करते हुए दीनानगर को अपना निशाना बनाया लेकिन भारतीय सेना और जवानों की मदद से अब गुरुदासपुर में आतंकी ऑपरेशन खत्म हो गया है, जिसमें सारे आतंकी मारे गये हैं, फिलहाल सर्च ऑप्रेशन जारी है।
आपको बता दें कि इस आंतकवादी हमले में 13 लोगों की मौत हो गई है, जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक आंतकवादियों में एक महिला भी शामिल है। इस हमले में पुलिस अधीक्षक बलजीत सिंह शहीद हो गए हैं।
आईये एक नजर डालते हैं 12 घंटे चले आप्रेशन पर..
सुबह 5: 30 बजे: आतंकवादियों ने सेना का रूप धरके एक ढाबा मालिक की हत्या करके उसकी कार छीन ली और उस कार के जरिये वो पहले दीनापुर बस स्टैंड पहुंचे और उन्होंने वहां पर जम्मू जाने वाली रोडनेज बस को निशाना बनाया।
सुबह 6 बजे: उसके बाद आंतकवादी थाने पहुंचे और वहां पर उन्होंने पुलिस वालों पर हमला बोल दिया जिसमें दो पुलिसवालों समेत छ लोग गोलियों के शिकार हो गये।
सूबह 8 बजे: अमृतसर-पठानकोट रेल ट्रैक पर पांच जिंदा बम मिले।
सूबह 8:25: सेना के जवान घटनास्थल पर पहुंचे।
सुबह 9 बजे: सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी हो गई।
सुबह 11 बजे: दो बंदी भी मौत के शिकार।
सुबह 12:30 बजे: एसपी बलजीत सिंह हमले में शहीद उन्हें मुठभेड़ के दौरान गोली लगी, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अन्य मृतकों में होमगार्ड के तीन जवान और दो अन्य नागरिक शामिल हैं।
खास बातें
- माना जा रहा है कि आतंकवादी पाकिस्तान सीमा की ओर से आए हैं। पंजाब में गुरदासपुर जिले का दीनानगर शहर जम्मू एवं कश्मीर की सीमा से सटा है और यह भारत-पाकिस्तान सीमा से भी कुछ ही दूरी पर है।
दीनानगर पुलिस थाने में मोर्चे पर डटे पुलिसकर्मियों ने बताया कि आतंकवादी उन्नत और स्वचालित हथियारों से लैस थे। - यह हमला पटियाला में रविवार को पंजाब विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की मौजूदगी खालिस्तान समर्थक नारेबाजी लगाए जाने के एक दिन बाद हुआ है। यह 31 अगस्त, 1995 को पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के बाद राज्य में पहला बड़ा आतंकवादी हमला है।













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