अलीगढ़ मर्डर: सोशल मीडिया पर झूठी और भड़काऊ खबर फैलाने के मामले में 11 पर केस दर्ज
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दो साल की मासूम की निर्मम हत्या के बाद इलाके में तनाव है। जिला प्रशासन ने खैर तहसील में इंटरनेट सेवाओं पर मंगलवार तक प्रतिबंध लगा दिया था। दो साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के बाद इलाके में जमकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस मासूम बच्ची का शव चार दिन बाद कूड़े के ढेर में पड़ा हुआ मिला था जिसको पहचानना मुश्किल हो रहा था, दिलदहला देने वाली इस घटना को लेकर पूरा देश गुस्से में था।

11 लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट में मामला दर्ज
2 साल की मासूम की नृशंस हत्या के बाद कोई असामाजिक तत्व गलत या भड़काऊ पोस्ट ना करने पाए, इसके लिए इलाके में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया था। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि इलाके में हालात शांतिपूर्ण हैं। इस बीच एसएसपी अलीगढ़ आकाश कुलहरि ने बताया कि झूठी और भड़काऊ खबर फैलाने के आरोप में सिविल लाइन थाने में 11 लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को इलाके में कानून व्यवस्था कायम करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी है।

मासूम बच्ची की हत्या के बाद इलाके में तनाव
शांति कायम करने के उद्देश्य से इलाके में धारा 144 लगाई गई है। पुलिस और जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील है। कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इस हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोग तत्काल न्याय की मांग कर रहे थे। ये लोग इलाके में महापंचायत करना चाहते थे और इसकी सूचना किसी हिन्दूवादी संगठन ने सोशल मीडिया के जरिए दी थी।

कूड़े के ढेर में चार दिन बाद मिला था बच्ची का शव
गौरतलब है कि अलीगढ़ में दो साल की एक बच्ची चार दिन से लापता थी। बीते रविवार को उसका शव एक कूड़े के ढेर में पड़ा हुआ मिला। बच्ची के हाथ-पैर काटने के बाद जलाकर उसकी हत्या की गई थी। बच्ची का शव देखकर इलाके के लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने शव को थाने के सामने रखकर सड़क पर जाम लगा दिया। इस मामले में सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।












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