'फॉर्म नहीं, तो पैसा नहीं', Air India विमान हादसे के बाद मुआवजे को लेकर विवाद! पीड़ित परिवारों ने लगाए आरोप
Air India Plane Crash: अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया-171 विमान हादसे में मारे गए 241 लोगों के परिजनों ने एयर इंडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि मुआवजे की प्रक्रिया के दौरान उन पर दबाव डाला गया और धमकी दी गई कि अगर उन्होंने एयर इंडिया द्वारा दिए गए फॉर्म नहीं भरे तो उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।
यूके की लॉ फर्म Stewarts और अहमदाबाद की Nanavati & Nanavati फर्म ने बताया कि वे भारत और यूके के 40 से अधिक पीड़ित परिवारों की ओर से एयर इंडिया, बोइंग और अन्य संभावित जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ दावे तैयार कर रहे हैं।

लॉ फर्म का आरोप है कि एयर इंडिया ने पीड़ितों को एक कानूनी शब्दों से भरा फॉर्म (questionnaire) भरने के लिए मजबूर किया, जिसमें कई कानूनी तकनीकी शब्दावली का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन पीड़ितों को न तो इनका मतलब समझाया गया और न ही इसके बारे में कुछ बताया गया।
🔴 मुआवजे से इनकार की धमकी, लॉ फर्म Stewarts और Nanavati ने क्या कहा?
यूके स्थित एक लॉ फर्म Stewarts को विमान हादसे में मारे गए यूके और भारत दोनों के 40 से अधिक यात्रियों के परिवारों ने आधिकारिक रूप से नियुक्त किया है। एक अधिकारी के मुताबिक यह फर्म अहमदाबाद की Nanavati and Nanavati नामक लॉ फर्म के साथ मिलकर भारतीय परिवारों को एयर इंडिया, बोइंग और अन्य संभावित जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ मुआवजे के दावे तैयार करने में मदद कर रही है।
Stewarts फर्म ने कहा, "हमारे क्लाइंट्स को कहा गया कि अगर वे यह फॉर्म नहीं भरते तो उन्हें एडवांस मुआवजा नहीं मिलेगा। इस तरह से एयर इंडिया ने पीड़ितों को दबाव में ला दिया है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म में मांगी गई जानकारी बाद में मुआवजे को कम करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, जबकि ज्यादातर परिवार यह नहीं समझते कि इन सवालों का सही कानूनी अर्थ क्या है।
लॉ फर्म का कहना है कि एयर इंडिया द्वारा दी गई इस प्रश्नावली में ऐसे कानूनी शब्दों का इस्तेमाल किया गया है जिनका विशिष्ट कानूनी अर्थ होता है, लेकिन एयरलाइन ने इन शब्दों का कोई स्पष्टीकरण पीड़ित परिवारों को नहीं दिया। उनका आरोप है कि इससे भविष्य में मुआवजे की राशि को कम करने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
फर्म ने कहा,
"हमारे क्लाइंट्स ने हमें वह प्रश्नावली दिखाई है। इसमें ऐसे सवाल पूछे गए हैं जिनका कानूनी महत्व है और जिनमें इस्तेमाल किए गए शब्दों की स्पष्ट कानूनी परिभाषा है, लेकिन यह जानकारी परिवारों को नहीं दी जा रही। ऐसी जानकारी का इस्तेमाल एयर इंडिया भविष्य में परिवारों के खिलाफ कर सकती है, जबकि ज्यादातर परिवार यह समझ ही नहीं पाते कि इन सवालों का सही अर्थ क्या है या इनका कानूनी परीक्षण किस तरह होता है।''
लॉ फर्म ने आगे बताया कि उन्होंने अपने क्लाइंट्स, यानी पीड़ित परिवारों को यह फॉर्म न भरने की सलाह दी है, क्योंकि वे उनके लिए मुआवजे की प्रक्रिया को स्वयं संभाल रहे हैं।
🔴 एयर इंडिया की सफाई, कहा- मुआवजे के लिए मांगी गई थी सिर्फ बुनियादी जानकारी
एयर इंडिया ने पीड़ित परिवारों द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में एक आधिकारिक बयान जारी किया है। एयर इंडिया ने इन आरोपों को "बिल्कुल निराधार और गलत" बताते हुए खारिज कर दिया। एयरलाइन का कहना है कि उसने पीड़ितों के रिश्ते और हकदारी तय करने के लिए केवल मूलभूत जानकारी मांगी है ताकि मुआवजा उन्हीं तक पहुंचे जो इसके हकदार हैं।
एयर इंडिया ने कहा, "मूलभूत जानकारी के बिना भुगतान संभव नहीं है। 'क्या आप मृतक पर आर्थिक रूप से निर्भर थे?' जैसा सवाल पूरी तरह से न्यायसंगत है, ताकि जरूरतमंदों तक ही सहायता पहुंचे।"
एयर इंडिया ने मरे हुए व्यक्ति पर वित्तीय निर्भरता से जुड़े सवाल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह सवाल "न्यायसंगत और आवश्यक" है, ताकि जिन्हें तत्काल मदद की जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता के साथ भुगतान किया जा सके।
एयर इंडिया ने पीड़ित परिवारों की तत्काल वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जितनी जल्दी हो सके अंतरिम मुआवजा (एडवांस मुआवजा) जारी करने के लिए कई कोशिश किए हैं। हादसे के कुछ ही दिनों के भीतर पहला भुगतान कर दिया गया था।"
🔴 अहमदाबाद में फॉर्म भरने की सुविधा
एयर इंडिया ने बताया कि उसने 15 जून से अहमदाबाद के ताज स्काईलाइन होटल में एक Facilitation Centre की स्थापना की है, जहां यह फॉर्म मौजूद है।
परिवार चाहें तो वहां जाकर या ईमेल के जरिए भी यह फॉर्म भर सकते हैं। एयर इंडिया के अधिकारी वहां मौजूद रहते हैं जो फॉर्म की जानकारी देते हैं और फॉर्म भरने की कोई अनिवार्यता नहीं है। परिवारों को कानूनी सलाह लेने की स्वतंत्रता भी दी गई है।
🔴 अब तक कितने परिवारों को मिला मुआवजा?
एयर इंडिया के मुताबिक अब तक 47 परिवारों को अंतरिम मुआवजा दिया जा चुका है। 55 अन्य मामलों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो गया है और मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया जारी है।












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