Air India plane crash: '12 जून टाटा ग्रुप के इतिहास का सबसे काला दिन' टाटा चेयरमैन का भावुक पत्र
Air India plane crash: 12 जून का दिन भारत के लिए बेहद भयावह और दर्दनाक था। बीते गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हुई एयर इंडिया फ्लाइट AI171 की त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक 265 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, इनमें से अब तक 31 शवों का डीएनए टेस्ट कराया जा चुका है जिनमें 12 शवों को परिवार वालों को सौंप दिया गया है।
अब इस भीषण हादसे के बाद टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा। इस लेटर में इस भयावह घटना को "टाटा समूह के इतिहास का सबसे काला दिन" बताया है।

'समूह स्तब्ध और शोकाकुल है', टाटा चेयरमैन का भावुक संदेश
टाटा समूह ने जनवरी 2022 में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था, उसके चेयरमैन चंद्रशेखरन ने लिखा "जो कुछ भी हुआ, वह असहनीय है। हम गहरे सदमे और शोक में हैं। किसी एक व्यक्ति को खोना एक व्यक्तिगत त्रासदी होती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान एकसाथ चली जाना, यह दिल दहला देने वाला है।"
उन्होंने आगे कहा कि यह घटना टाटा समूह के लिए केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक गहरी मानवीय क्षति है जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। हादसे के 24 घंटे के भीतर भारत, अमेरिका और ब्रिटेन की विशेषज्ञ जांच टीमें अहमदाबाद पहुंच चुकी हैं।
चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि टाटा समूह इस जांच में पूर्ण सहयोग करेगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि "हम तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही इस त्रासदी के कारणों को साझा करेंगे। जब हमने एयर इंडिया को दोबारा शुरू किया था, तब यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। इसमें कभी कोई समझौता नहीं किया गया।"
Air India plane crash: कैसे हुआ हादसा? अब तक क्या पता चला?
गुरुवार, 12 जून को दोपहर 1: 30 बजे, एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने अहमदाबाद से उड़ान भरी, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद विमान रिहायशी इलाके में स्थित एक मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर हॉस्टल से टकरा गया। यह बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान था। वीडियो फुटेज में देखा गया कि विमान हवा में संतुलन खोता नजर आया, और फिर तेजी से जमीन की ओर गिरते ही आग का गोला बन गया। हादसे के समय विमान में कुल 242 लोग सवार थे - जिनमें 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य थे।
विमान में सवार यात्रियों में:
- 169 भारतीय नागरिक
- 53 ब्रिटिश नागरिक
- और कुछ अन्य देशों के नागरिक शामिल थे।
- एक यात्री जीवित बच गया, जिसे आईसीयू में रखा गया है।
हादसे के तुरंत बाद दमकल, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। विमान जिस हॉस्टल से टकराया, वहां मौजूद कई रिज़िडेंट डॉक्टर भी चपेट में आ गए। घटनास्थल पर फॉरेंसिक विशेषज्ञ, विमानन प्राधिकरण के अधिकारी और डीजीसीए की टीम मौजूद हैं।
यह दुर्घटना क्यों है इतनी अहम?
- यह एयर इंडिया के इतिहास की सबसे भयावह विमान दुर्घटना है।
- टाटा समूह द्वारा Acquisition के बाद यह पहली इतनी गंभीर सुरक्षा विफलता है।
- 265 से अधिक लोगों की मौत एक राष्ट्रीय आपदा से कम नहीं।
- टाटा समूह ने पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ जांच, इस त्रासदी की प्रामाणिकता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
अब सबकी निगाहें इस जांच पर टिकी हैं कि आखिर इस भयावह हादसे की वजह क्या थी?क्या यह तकनीकी खराबी थी, मानव त्रुटि, या फिर मौसम की मार? टाटा समूह की साख और जिम्मेदारी दांव पर है, और देश उम्मीद कर रहा है कि आने वाले दिनों में सच सामने आएगा - और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।












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