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Air India के लिए जुलाई भी 'मनहूस'! AI-2414 फ्लाइट का पायलट बेहोश, जानें कैसे टला प्लेन क्रैश होने से?

Air India Flight Pilot Collapses : एयर इंडिया के लिए जुलाई 2025 भी मुश्किलों भरा नजर आ रहा है। 12 जून को अहमदाबाद में हुए भयावह विमान हादसे (AI-171) की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थी कि 4 जुलाई को एक और बड़ा हादसा बाल-बाल टल गया। बेंगलुरु से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2414 के पायलट को टेकऑफ से ठीक पहले मेडिकल इमरजेंसी हुई, जिसके कारण वह बेहोश हो गए।

अगर यह घटना उड़ान के दौरान होती, तो एक और बड़ा हादसा हो सकता था। एयर इंडिया ने तुरंत वैकल्पिक पायलट की व्यवस्था कर उड़ान को संचालित किया, जिससे यात्रियों की जान बच गई। आइए जानते हैं क्या हुआ और कैसे टला बड़ा खतरा...

Air India Flight Pilot Collapses

क्या हुआ 4 जुलाई को?

4 जुलाई 2025 की सुबह बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर इंडिया की उड़ान AI-2414 दिल्ली के लिए तैयार थी। लेकिन टेकऑफ से ठीक पहले कॉकपिट में पायलट अचानक बीमार हो गया और बेहोश हो गया। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया, '4 जुलाई की सुबह हमारे एक पायलट को मेडिकल इमरजेंसी हुई। वह उड़ान AI-2414 को संचालित करने के लिए रोस्टर पर थे, लेकिन स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।

पायलट की हालत अब स्थिर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में है। एयरलाइन ने तत्काल एक वैकल्पिक पायलट की व्यवस्था की, जिसके कारण उड़ान में करीब 2 घंटे की देरी हुई, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित दिल्ली पहुंचे। एयर इंडिया ने कहा, 'हमारी प्राथमिकता पायलट और उनके परिवार की सहायता करना है ताकि उनका शीघ्र स्वस्थ होने सुनिश्चित हो।

कैसे टला बड़ा हादसा?

बेंगलुरु-दिल्ली फ्लाइट (Bengaluru-Delhi Flight) के पायलट का बेहोश होना कॉकपिट में एक गंभीर स्थिति थी। अगर यह घटना टेकऑफ के बाद या उड़ान के दौरान हुई होती, तो परिणाम विनाशकारी हो सकते थे। एयर इंडिया के ग्राउंड स्टाफ और क्रू ने तेजी से प्रतिक्रिया दी, पायलट को अस्पताल पहुंचाया और वैकल्पिक पायलट को तैयार किया। मॉन्ट्रियल कन्वेंशन और डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के दिशानिर्देशों के तहत, पायलट की मेडिकल फिटनेस की जांच अनिवार्य है। इस मामले में, प्री-फ्लाइट मेडिकल चेक ने संभावित खतरे को पहले ही पकड़ लिया। एयर इंडिया का स्टैंडबाय क्रू सिस्टम प्रभावी रहा, जिसने उड़ान को सुरक्षित संचालित करने में मदद की।

एयर इंडिया का 'मनहूस' दौर

एयर इंडिया के लिए 2025 चुनौतीपूर्ण रहा है। कुछ प्रमुख घटनाएं:-

  • 12 जून 2025 - अहमदाबाद हादसा: फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787-8) अहमदाबाद से लंदन गैटविक जाते समय टेकऑफ के 33 सेकंड बाद बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर क्रैश हो गई, जिसमें 241 यात्री और क्रू मेंबर्स समेत 260 लोगों की मौत हुई।
  • 14 जून 2025 - दिल्ली-वियना फ्लाइट में खराबी: दिल्ली से वियना जा रही बोइंग 777 फ्लाइट में स्टॉल और ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वॉर्निंग मिली, जिसे पायलटों ने समय रहते नियंत्रित किया।
  • 9 अप्रैल 2025 - पायलट की मौत: एयर इंडिया एक्सप्रेस के 36 वर्षीय प्रथम अधिकारी की दिल्ली में लैंडिंग के बाद हृदयाघात से मृत्यु हो गई। पायलटों के एक समूह ने थकान और अपर्याप्त प्रबंधन का आरोप लगाया, जिसके बाद डीजीसीए ने जांच के आदेश दिए।

डीजीसीए की कार्रवाई

अहमदाबाद हादसे और हाल की घटनाओं के बाद डीजीसीए ने सख्त कदम उठाए:-

  • बोइंग 787 की जांच: एयर इंडिया के बोइंग 787 बेड़े की गहन जांच का आदेश, जिसमें ईंधन प्रणाली, केबिन एयर कंप्रेसर और इंजन नियंत्रण पर ध्यान दिया गया।
  • पायलट स्वास्थ्य पर फोकस: 17 अप्रैल को डीजीसीए के महानिदेशक फैज अहमद किदवई ने पायलटों की मेडिकल फिटनेस और कार्यभार से संबंधित दिशानिर्देशों की समीक्षा का आदेश दिया। इसमें थकान और मानसिक स्वास्थ्य की जांच शामिल है।
  • सुरक्षा ऑडिट: एयर इंडिया की रखरखाव प्रक्रियाओं और क्रू प्रशिक्षण की ऑडिटिंग शुरू।

यात्रियों का डर और बुकिंग में गिरावट

अहमदाबाद हादसे के बाद एयर इंडिया की छवि को गहरा धक्का लगा है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार: -

  • 20% बुकिंग में कमी: यात्रियों का विश्वास डगमगाने से बुकिंग में 20% की गिरावट।
  • 15% किराए में कटौती: बुकिंग बढ़ाने के लिए एयर इंडिया को किराए में औ laguna 15% की कमी करनी पड़ी।
  • 15% उड़ानें कम: मध्य पूर्व में तनाव और 5 जुलाई की सुनामी की अफवाहों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 15% की कटौती को मजबूर किया।

एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2414 में पायलट की मेडिकल इमरजेंसी ने एक बार फिर एयरलाइन की चुनौतियों को उजागर किया है। अहमदाबाद हादसे के बाद यह घटना यात्रियों और नियामकों के लिए चेतावनी है। त्वरित कार्रवाई और वैकल्पिक पायलट की व्यवस्था ने बड़ा हादसा टाल दिया, लेकिन एयर इंडिया को अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं और पायलटों के स्वास्थ्य पर और ध्यान देना होगा। डीजीसीए की जांच और एयरलाइन की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेंगे।

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