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OI Exclusive: प्लेन क्रैश में मरे 260, कितनों को कितना मिला मुआवजा? Air India ने दिया 1-1 पैसे का हिसाब

OI Exclusive Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया के भीषण विमान हादसे (Flight AI 171) में 260 लोगों की जान गई। इसमें 230 यात्री (169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, 1 कनाडाई) और 12 क्रू मेंबर्स के साथ अन्य शामिल हैं। इस त्रासदी के बाद मुआवजे को लेकर विवाद गहरा गया है।

ब्रिटेन की कानूनी फर्म स्टीवर्ट्स, जो 40 से अधिक पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रही है, ने एयर इंडिया पर आरोप लगाया कि वह जटिल वित्तीय जानकारी मांगकर मुआवजा कम करने और 1,050 करोड़ रुपये बचाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, एयर इंडिया ने दावा किया कि उसने 47 परिवारों को अंतरिम मुआवजा दे दिया है और 55 अन्य के दस्तावेजों की प्रक्रिया चल रही है। आइए, मुआवजे का पूरा हिसाब और इस विवाद की सच्चाई समझते हैं....

OI Exclusive Ahmedabad Plane Crash

मुआवजे का हिसाब: कितनों को मिला, कितना बाकी?

एयर इंडिया के एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर Oneindia Hindi के दिव्यांश रस्तोगी से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि 15 जून 2025 से अहमदाबाद के ताज स्काईलाइन होटल में एक सुविधा केंद्र (Facilitation Centre) स्थापित किया गया है, जहां मुआवजे से संबंधित फॉर्म उपलब्ध हैं। अब तक-

  • 47 मृतक यात्रियों के परिवारों को भुगतान: प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा दिया गया है, यानी कुल 47 x 25,00,000 = 11.75 करोड़ रुपये।
  • 55 परिवारों की प्रक्रिया शुरू: 55 अन्य मृतकों के परिवारों के दस्तावेज सत्यापित किए जा चुके हैं, और उन्हें जल्द ही 25 लाख रुपये प्रति परिवार (55 x 25,00,000 = 13.75 करोड़ रुपये) का मुआवजा मिलेगा।
  • कुल अंतरिम मुआवजा: 47 + 55 = 102 परिवारों के लिए 11.75 + 13.75 = 25.5 करोड़ रुपये (4 जुलाई 2025 तक)।

एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि दिन-प्रतिदिन संख्या बढ़ रही है। फिलहाल, 102 है, यह आगे भी बढ़ सकती है। यह भी बताया कि अगर कोई ताज स्काईलाइन होटल नहीं पहुंच पा रहा है, तो उसे मेल पर भी फॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां तक कि घर जाकर भरकर देने की भी अनुमति दी गई है। यह 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा टाटा संस द्वारा घोषित 1 करोड़ रुपये प्रति मृतक की सहायता राशि के अतिरिक्त है। यानी प्रत्येक परिवार को कुल 1.25 करोड़ रुपये (1 करोड़ + 25 लाख) देने की घोषणा की गई है।

मुआवजा विवाद: स्टीवर्ट्स के आरोप क्या?

स्टीवर्ट्स के वकील पीटर नीनन ने एयर इंडिया पर गंभीर आरोप लगाए:-

  • अनैतिक व्यवहार: एयर इंडिया ने पीड़ित परिवारों से विस्तृत वित्तीय जानकारी मांगी, जैसे मृतक पर उनकी आर्थिक निर्भरता, जिससे मुआवजा कम हो सकता है।
  • दबाव की रणनीति: कुछ परिवारों ने बताया कि एयर इंडिया के अधिकारी उनके घर पहुंचे और फॉर्म न भरने पर मुआवजा रोकने की धमकी दी। नीनन के मुताबिक, परिवारों को भीड़भाड़ वाले, गर्म कमरों में फॉर्म भरने को मजबूर किया गया, बिना कानूनी सलाह या दस्तावेजों की कॉपी दिए।
  • नीनन ने अपने क्लाइंट्स को सलाह दी कि वे फॉर्म न भरें और कानूनी रास्ता अपनाएं। उन्होंने एयर इंडिया की प्रक्रिया की जांच की मांग भी की है।
  • हालांकि, लंदन की कीस्टोन लॉ के एविएशन पार्टनर जेम्स हीली-प्रैट ने एयर इंडिया का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें कंपनी या उसके बीमाकर्ताओं की ओर से कोई गलत व्यवहार नहीं दिखा।

1050 करोड़ बचाने की थ्योरी क्या?

नीनन का दावा है कि मॉन्ट्रियल कन्वेंशन 1999 के तहत प्रत्येक मृतक यात्री के लिए 151,880 स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs), यानी करीब 1.8 करोड़ रुपये, मुआवजा देना अनिवार्य है। लेकिन एयर इंडिया 1.25 करोड़ रुपये प्रति यात्री देकर 55 लाख रुपये प्रति यात्री (241 यात्रियों के लिए 55 लाख x 241 = 1,050 करोड़ रुपये) बचाने की कोशिश कर रही है।

मुआवजे का गणित समझें: कानूनी और घोषित राशि

  • टाटा संस की घोषणा: प्रत्येक मृतक (241 यात्री + क्रू) के परिवार को 1 करोड़ रुपये + 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा। कुल 1.25 करोड़ रुपये प्रति परिवार।
  • जमीन पर मृतकों के लिए: 29 लोगों की मौत हुई, जिनके परिवारों को भी 1 करोड़ रुपये देने का वादा।
  • मॉन्ट्रियल कन्वेंशन: प्रत्येक यात्री के लिए 151,880 SDRs (लगभग 1.8 करोड़ रुपये) अनिवार्य। 241 यात्रियों के लिए कुल 377 करोड़ रुपये। क्रू मेंबर्स का मुआवजा श्रम कानूनों या बीमा नीतियों पर निर्भर।

बीमा क्लेम 4,080 का और मुआवजा सिर्फ इतना?

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया को इस हादसे के लिए लगभग 4,080 करोड़ रुपये (475 मिलियन डॉलर) का बीमा क्लेम मिल सकता है। इसमें:-

  • 1,075 करोड़ रुपये: विमान के ढांचे और इंजन के नुकसान के लिए।
  • 3,014 करोड़ रुपये: यात्रियों और जमीन पर मृतकों के लिए देयता दावों के लिए।

सोशल मीडिया X (एक्स) पर कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि एयर इंडिया 4,080 करोड़ रुपये का क्लेम लेकर केवल 240 करोड़ रुपये मुआवजे में दे रही है, जिससे कंपनी को भारी मुनाफा हो सकता है। हालांकि, ये दावे सत्यापित नहीं हैं और जांच के बिना इन्हें सही मानना उचित नहीं है।

क्या है अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश हादसा?

12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक जा रही उड़ान AI 171 (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) टेकऑफ के 33 सेकंड बाद मेघानी नगर में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर क्रैश हो गई। विमान में 230 यात्री (169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, 1 कनाडाई) और 12 क्रू मेंबर्स थे। हादसे में:-

  • 241 मौतें: विमान में सवार 241 लोग मारे गए।
  • 29 मौतें: जमीन पर, मुख्य रूप से मेडिकल छात्र और कर्मचारी।
  • एकमात्र जीवित: ब्रिटिश नागरिक विश्वासकुमार रमेश (40), जो सीट 11A पर इमरजेंसी एग्जिट के पास बैठे थे।
  • हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मारे गए, जिनके अवशेष डीएनए टेस्ट से पहचाने गए।

एक चक्कर में ड्रीमलाइनर से कितना कमा लेती है Air India?

बोइंग 787 ड्रीमलाइनर पर अहमदाबाद से लंदन के बिजनेस क्लास टिकट की कीमत 70,000 से 1,50,000 रुपये या इससे अधिक हो सकती है, जो मौसम और बुकिंग समय पर निर्भर करता है। विमान में आमतौर पर 26-48 बिजनेस क्लास सीटें होती हैं। एक उड़ान से लाखों रुपये की कमाई संभव है, लेकिन हादसे के बाद एयर इंडिया की छवि और वित्तीय नुकसान पर भी असर पड़ा है।

क्या हो सकता है आगे?

  • कानूनी कार्रवाई: पीड़ित परिवार मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत अधिक मुआवजा पाने के लिए अमेरिका या ब्रिटेन के कोर्ट में केस दायर कर सकते हैं। लापरवाही साबित होने पर मुआवजा बढ़ सकता है।
  • जांच के नतीजे: भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और अंतरराष्ट्रीय टीमें ब्लैक बॉक्स डेटा का विश्लेषण कर रही हैं। इंजन फेल्योर, पायलट त्रुटि या रखरखाव की कमी जैसे कारणों का पता लगेगा, जो मुआवजे को प्रभावित करेगा।
  • परिवारों की मांग: कई परिवार स्वतंत्र कानूनी सलाह चाहते हैं ताकि जल्दबाजी में समझौता न करें।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश भारत की सबसे भयावह विमान दुर्घटनाओं में से एक है। मुआवजा विवाद ने एयर इंडिया की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं, खासकर पीड़ित परिवारों के साथ व्यवहार को लेकर। स्टीवर्ट्स के आरोप गंभीर हैं, लेकिन एयर इंडिया का दावा है कि वह पारदर्शी और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से मदद कर रही है। जांच के नतीजे और कानूनी प्रक्रिया इस मामले की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, पीड़ित परिवारों को त्वरित और निष्पक्ष सहायता की जरूरत है, ताकि उनका दुख और आर्थिक नुकसान कम हो सके।

ये भी पढ़ें- क्या प्लेन की मरम्मत सिर्फ कागजों में हुई? Air India Express पर DGCA की सख्त नजर

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