O. Panneerselvam की विदाई से खत्म हो गया AIADMK का झगड़ा? के.पलानीस्वामी बनेंगे पार्टी के बादशाह
O. Panneerselvam joins DMK: तमिलनाडु की राजनीति में आज वह दिन आ ही गया जिसकी कहानी पिछले कई महीनों से लिखी जा रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक (AIADMK) से निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) आधिकारिक तौर पर द्रमुक (DMK) में शामिल हो गए हैं।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की मौजूदगी में उन्होंने DMK का साथ थाम लिया।विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस एक घटना ने न केवल पन्नीरसेल्वम का राजनीतिक भविष्य बदला है, बल्कि उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के लिए AIADMK का 'मालिक' बनने का रास्ता भी साफ कर दिया है।

पन्नीरसेल्वम के इस फैसले का सीधा फायदा AIADMK महासचिव और नेता प्रतिपक्ष एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) को मिलता दिख रहा है।
AIADMK Leader Edappadi Palaniswami को कैसे मिला राजनीतिक फायदा?
ओ. पन्नीरसेल्वम के DMK में शामिल होते ही AIADMK के भीतर चल रहा सालों पुराना सत्ता संघर्ष लगभग समाप्त हो गया है। सबसे बड़ा असर यह हुआ है कि पन्नीरसेल्वम को अब पार्टी, पद और चुनाव चिन्ह को लेकर EPS के खिलाफ दायर सभी अदालती मामलों से पीछे हटना होगा। जिसके लिए ओपीएस अदालत में EPS के खिलाफ लड़ रहे थे। इससे EPS को कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है।
इसके अलावा, वीवीके शशिकला अपनी नई पार्टी लॉन्च कर रही हैं और टीटीबी दिनाकरण की अपनी अलग पार्टी है। ऐसे में अब AIADMK के भीतर अब कोई भी प्रभावशाली आंतरिक प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा है। अब पलानीस्वामी ही पार्टी के मजबूत नेतृत्व के तौर दिख रहे हैं और AIADMK के 'ओनर' बनकर उभरे हैं। पन्नीरसेल्वम का DMK में जाना पलानीस्वामी के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
OPS vs EPS Court Cases: 'जयललिता वफादार' से 'द्रमुक सिपाही' तक का सफर
2016 में जयललिता के निधन के बाद से ही ओ. पन्नीरसेल्वम और ई.पलानीस्वामी के बीच सत्ता का संघर्ष शुरू हो गया था। 2017 में पन्नीरसेल्वम ने बगावत करते हुए आरोप लगाया था कि उनसे जबरन मुख्यमंत्री पद छिनवाया गया। वहीं, EPS पार्टी के बहुमत समर्थन के साथ मुख्यमंत्री बने।
हालांकि, जुलाई 2022 में जनरल काउंसिल की बैठक में उन्हें 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के कारण कोषाध्यक्ष और प्राथमिक सदस्यता से निकाल दिया गया। नवंबर 2023 में मद्रास हाईकोर्ट ने भी OPS को पार्टी का समन्वयक या सदस्य बताने से रोक दिया। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
हालांकि विधानसभा में दोनों नेता एक-दूसरे के पास बैठते रहे, लेकिन बातचीत से बचते दिखे। हालात तब बिगड़ गए जब OPS ने ऑनलाइन गेमिंग बिल का स्वागत "AIADMK की ओर से" करने की बात कही, जबकि उनके पास केवल तीन विधायक ही हैं। इस पर EPS और OPS के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया।
EPS ने साफ किया रुख: पन्नीरसेल्वम की AIADMK में वापसी असंभव
पन्नीरसेल्वम के DMK में शामिल होने से पहले ही पलानीस्वामी ने उनके AIADMK में लौटने की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया था। पलानीस्वामी ने दो टूक कहा, AIADMK में ओ. पन्नीरसेल्वम के लिए कोई जगह नहीं है। जनवरी में भी EPS ने यही रुख दोहराया था और कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि BJP, AIADMK के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी। फिलहाल BJP तमिलनाडु में AIADMK की सहयोगी पार्टी है।
TN Election 2026 चुनाव से पहले सियासी तस्वीर साफ
OPS के DMK में जाने से जहां सत्तारूढ़ पार्टी को बढ़त मिली है, वहीं EPS को AIADMK पर पूर्ण नियंत्रण मिल गया है। अब 2026 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप से DMK बनाम EPS के नेतृत्व वाली AIADMK के बीच होता दिख रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले चुनावी समीकरणों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। अब लड़ाई सीधी है एक तरफ स्टालिन का 'द्रविड़ मॉडल' है और दूसरी तरफ EPS के नेतृत्व वाली 'नई' अन्नाद्रमुक।












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