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AI Summit 2026: 'छोटी सी दुकान से 52 एकड़ के विवि तक', कौन हैं सुनील गलगोटिया? क्या है विवाद?

Sunil Galgotia, AI Summit 2026 Profile Update: गलगोटिया यूनिवर्सिटी इस वक्त सवालों के घेरे में हैं, सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रूम तक केवल उसी का जिक्र हो रहा है, वजह है 'रोबोटिक डॉग'। दरअसल AI समिट में यूनिवर्सिटी की तरफ से इस रोबोट को भारत में विकसित AI टेक्नोलॉजी के तौर पर पेश किया गया, जो कि गलत था।

इसके बाद खबर आई कि विवि को तुरंत समिट खाली करने के लिए कहा गया, जिसके बाद तो तूफान ही मच गया। लोगों ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर देश का नाम खराब करने का आरोप लगाया है और विवि से इस बारे में सफाई की मांग कर रहे हैं, हालांकि यूनिवर्सिटी की ओर से इस बारे में अभी तक कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Sunil Galgotia

आपको बता दें कि शिक्षा के क्षेत्र में गलगोटिया यूनिवर्सिटी काफी जाना पहचाना नाम है, इसके संस्थापक सुनील गलगोटिया ने अपनी मेहनत और गहरी सोच के दम पर 52 एकड़ के विशाल परिसर में विवि को असली जामा पहनाया। ये विवि आज इंजीनियरिंग, प्रबंधन और कानून के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखता है, अपने होनहार छात्रों और 100 से अधिक अनुभवी शिक्षकों वाले स्टॉफ के जरिए इस यूनिवर्सटी ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक अलग तस्वीर पेश की है।

Sunil Galgotia Profile:'ईडी गलगोटिया एंड संस' नाम की छोटा सा बुकस्टोर था

मालूम हो कि किताबों से प्रेम करने वाले सुनील गलगोटिया की फैमिली की साल 1930 में दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'ईडी गलगोटिया एंड संस' नाम की एक छोटी सी किताब हुआ करती थी। वो अपने एरिया की काफी लोकप्रिय शॉप थी।

सुनीत गलोगटिया भी पढ़ने में शुरू से काफी मेधावी थे, उन्होंने सेंट कोलंबा स्कूल से पढ़ाई की और इसके बाद श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से स्नातक किया। भले ही पैसे की तंगी उन्हें थी लेकिन उनके सपने काफी बड़े थे, अपनी लगन ने उन्हें SRCC का डिस्टिंग्विश्ड एंड मोस्ट रेवर्ड एलुमनाई अवॉर्ड अपने नाम किया।

Sunil Galgotia ने 40 छात्रों के साथ शुरू किया था विवि

'बुकस्टोर सिर्फ एक बिज़नेस नहीं बल्कि यह इंटेलेक्चुअल और स्टूडेंट्स दोनों के लिए एक सुरक्षित जगह है', ये सोचने वाले सुनील गलगोटिया ने साल 1980 में गलगोटिया पब्लिकेशन्स शुरू किया।हालाकि हालात उनके खिलाफ थे।

फिर भी उन्होंने मशहूर बैरन्स SAT, TOEFL, GRE, और GMAT किताबों के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स हासिल किए, जो भारत में एक बड़ी कामयाबी थी। इसके बाद साल 2000 में, उन्होंने गलगोटिया कॉलेज की नींव रखी। शुरुआत में कॉलेज में केवल 40 छात्र थे, जिनकी संख्या आज करीब 15,000 तक पहुंच गई है। मात्र 26 साल में इस विवि ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना ली।

विवादों में रहा है गलगोटिया परिवार, पत्नी -बेटे हुए थे गिरफ्तार

ऐसा नहीं है कि गलगोटिया विवि पहली बार विवादों में आया है। साल 2014 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के चेयरमैन सुनील गलगोटिया सहित चार लोगों के खिलाफ 122 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज हुआ था और इस केस में सुनील गलगोटिया की पत्नी पद्मिनी और बेटे ध्रुव को भी अरेस्ट किया गया था, उस वक्त भी गलगोटिया को लेकर लोगों में काफी आक्रोश था, काफी दिनों तक ये केस सुर्खियों में छाया हुआ था, अभी भी ये मामला कोर्ट में है।

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