आगरा रेल मंडल के ट्रेन नियंत्रकों ने गलतियों से जुड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की
आगरा रेल मंडल के ट्रेन नियंत्रकों ने वरिष्ठ अधिकारियों से कथित मौखिक आदेशों पर चिंता जताई है, जिसमें बताया गया है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई ड्यूटी के दौरान की गई गलतियों की संख्या पर आधारित होगी। हालांकि, आगरा मंडल के आधिकारिक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि रेलवे नियमों द्वारा अनुमत उपायों के अलावा कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है और न ही की जाएगी।

नियंत्रण विभाग के सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को एक पाक्षिक कार्य समीक्षा योजना जारी की गई थी। इस योजना में कथित तौर पर कहा गया है कि पहली गलती पर मौखिक मार्गदर्शन या परामर्श दिया जाएगा। दूसरी गलती के परिणामस्वरूप साप्ताहिक आराम और तीन महीने के लिए सभी छुट्टियों का निलंबन हो सकता है। तीसरी गलती पर लिखित चेतावनी और अगले तीन महीनों के लिए आराम और छुट्टी से इनकार किया जा सकता है। चौथी गलती के बाद अनुशासन और अपील नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई है।
मंडल परिचालन प्रबंधक और आधिकारिक प्रवक्ता, प्रशस्ति श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रेन सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण कार्यालय के कर्मचारियों को उचित कार्य पद्धतियों पर सलाह दी गई है। उन्होंने दोहराया कि रेलवे नियमों द्वारा अनुमत उपायों के बाहर कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है और न ही की जाएगी।
नियंत्रकों के बीच चिंताएं
रेलवे कर्मचारियों ने व्यक्त किया है कि इन मौखिक धमकियों से नियंत्रकों में डर पैदा हो गया है, जिससे संभावित रूप से कार्य वातावरण को नुकसान पहुंच सकता है। एक अन्य मंडल के एक वरिष्ठ नियंत्रक ने इस बात पर जोर दिया कि नियंत्रक महत्वपूर्ण दबाव में काम करते हैं, और इस तरह की धमकियां उनकी चुनौतियों को और बढ़ा सकती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों को इसके बजाय समर्थन और प्रोत्साहन देना चाहिए।
संघ का रुख
उत्तर मध्य रेलवे मेन यूनियन (एनसीआरएमयू) के मंडल सचिव सुकेश कुमार यादव ने कथित मौखिक धमकियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर गलतियों के आधार पर नियंत्रकों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है, तो एनसीआरएमयू उनका समर्थन करेगा। यादव इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए मंडल प्रमुख को पत्र लिखने की योजना बना रहे हैं।
यह स्थिति अनुशासनात्मक प्रथाओं और कार्यस्थल की स्थितियों को लेकर रेलवे कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है। इन चर्चाओं का परिणाम अभी देखा जाना बाकी है क्योंकि दोनों पक्ष इन चिंताओं को दूर कर रहे हैं।
With inputs from PTI












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