'खुद की बंदूक से अग्निवीर की मौत', सेना के बयान पर यूजर्स बोले- जांच में कुछ और आया,तब कैसे दोगे गार्ड ऑफ ऑनर?
Agniveer Amritpal Singh: पंजाब के अग्निवीर अमृतपाल सिंह की मौत को लेकर भारतीय सेना ने अधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि 'अग्निवीर अमृतपाल सिंह का निधन 11 अक्टूबर 23 को, राजौरी सेक्टर में ड्यूटी के दौरान खुद को लगी बंदूक की गोली से चोट लगने के कारण मृत्यु हो गई थी।' सेना के इस दावे पर अब सोशल मीडिया सवाल उठाए जा रहे हैं।
भारतीय सेना के 'White Knight Corps' ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा है, 'अग्निवीर अमृतपाल सिंह का निधन 11 अक्टूबर 23 को हुआ। एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, अग्निवीर अमृतपाल सिंह की राजौरी सेक्टर में संतरी ड्यूटी के दौरान खुद को लगी बंदूक की गोली से चोट लगने के कारण मृत्यु हो गई। अधिक जानकारी सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (यानी जांच) जारी है।''

सेना ने आगे लिखा, ''मृतकों के पार्थिव शरीर, एक जूनियर कमीशंड अधिकारी और चार अन्य रैंक के लोगों के साथ, अग्निवीर की यूनिट द्वारा किराए पर ली गई एक सिविल एम्बुलेंस में ले जाए गया है। अंतिम संस्कार में उनके साथ सेना के जवान भी शामिल हुए। मृत्यु का कारण खुद को पहुंचाई गई चोट है, मौजूदा नीति के अनुसार कोई गार्ड ऑफ ऑनर या सैन्य अंतिम संस्कार प्रदान नहीं किया गया था। भारतीय सेना शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।''
सेना के बयान पर सोशल मीडिया पर उठे सवाल
सेना द्वारा किए गए इस ट्वीट को लेकर यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। ट्वीट पर कमेंट कर एक यूजर ने लिखा, ''और अगर बाद में ये पता चलता है की मौत का कारण कुछ और था तो फिर कैसे गार्ड ऑफ ऑनर वाला सम्मान दोगे? और उसने किसी और को तो हानि नहीं पहुचाई तो सम्मान देने से क्या दिक्कत हो सकती है? था तो वो सिपाही ही , उसके ऊपर कोई मेंटल प्रेशर हुआ तो हो सकता है वो आर्मी मे जाने के बाद ही आया हो तो सम्मान मे कमी क्यों...?''
एक यूजर ने लिखा, ''मौजूदा नीति का हवाला देकर मृतक सैनिक को गार्ड ऑफ ऑनर और सैन्य सम्मान के साथ में अंतिम संस्कार नहीं करना बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा करना सरासर एक सैनिक का अपमान करना है, असहनीय घटना है, सच्ची निष्ठा और कर्तव्यपरायणता से देश की सेवा का जज्बात रखने वाले ईमानदार अग्निवीर था।''
एक यूजर ने सवाल उठाते हुए लिखा, ''स्वयं को पहुंचाई गई चोट क्या है? क्या घटना के वक्त वह ड्यूटी पर नहीं था? क्या उसे हथियार और गोला-बारूद संभालने जैसे कर्तव्यों को निभाने के लिए प्रशिक्षित नहीं किया गया था? क्या वह प्रशिक्षण पर्याप्त था? क्या यह वैसा ही है जैसे कुछ मिग विमान अज्ञात कारणों से दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं?''
एक यूजर ने लिखा, ''एक जवान किसी भी हालत में शहिद हो ,उसके समान,और उसके परिवार के गौरव को रक्षा करना आप की ड्यूटी है।''
भगवंत मान से लेकर अखिलेश यादव तक ने उठाए सवाल
- पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा है कि अग्निवीर अमृतपाल सिंह के परिवार को पंजाब सरकार 1 रुपये की सम्मान राशि देगी। सीएम भगवंत मान ने कहा कि, केंद्र देश के शहीदों के प्रति कोई भी नीति अपना सकता है। लेकिन पंजाब सरकार हर तरीके से शहीदों के परिवार का साथ देने के लिए प्रतिबद्ध है।
-समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ''पंजाब के अग्निवीर शहीद अमृतपाल सिंह के पार्थिव शरीर को न तो सैन्य-सम्मान मिला न राजकीय-सम्मान। ये एक त्रुटिपूर्ण सैन्य-भर्ती का दुष्परिणाम है। सैनिकों को उनका यथोचित सम्मान हर दशा-अवस्था में मिलना ही चाहिए। हम इस शहादत को शत-शत नमन करते हैं। हम अग्निवीर योजना के अपने विरोध को पुनः रेखांकित करते हैं और परम्परागत भर्ती की पुनर्बहाली की मांग उठाते हैं। देश की सुरक्षा व देश के युवा के भविष्य के साथ हमें कोई भी समझौता मंजूर नहीं। जय हिंद!''
-आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा ने सेना द्वारा अग्निवीर अमृतपाल सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर या सैन्य अंतिम संस्कार नहीं देने पर दुख व्यक्त किया है। राघव चड्ढा ने अग्निवीर योजना में खामियों को दूर करने के लिए विकास पर जोर दिया है।
- दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा है कि, ''पंजाब के अग्निवीर अमृतपाल सिंह जी की शहादत की खबर बेहद दुखद है। अमृतपाल जी को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए और साथ ही उनके परिवार को वो सम्मान मिले जो हर शहीद के परिवार को मिलता है।''












Click it and Unblock the Notifications