BSF कैंप पर हुए हमले के पीछे था जैश का यह खतरनाक स्क्वॉड
श्रीनगर। मंगलवार को श्रीनगर में बीएसएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले से जुड़ा एक चौंका देने वाला सच सामने आया है। इस हमले के पीछे अफजल गुरू स्क्वॉड का हाथ था। आपको बता दें कि दिसंबर 2016 में जम्मू के नगरोटा में सेना के कैंप पर हुए हमले में इस भी इसी स्क्वॉड का हाथ था।

जैश-ए-मोहम्मद ने इस स्पेशल आतंकी विंग का गठन किया है। नगरोटा हमले के बाद यह स्क्वॉड पहली बार दुनिया की नजरों में आई थी। सूत्रों के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद की अफजल गुरु स्क्वॉड ने इसके लिए एयरपोर्ट की रेकी भी की थी।
सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को मार गिराए गए तीनों आतंकी 11 सदस्यीय उस अफजल गुरु स्क्वॉड का हिस्सा थे, जिन्होंने दो गुटों में बंटकर 16-17 अगस्त की रात को भारत में घुसपैठ की थी। कहा जा रहा है कि 7 सदस्यों के पहले आतंकी समूह ने पुंछ में एलओसी सीमा के जरिए घुसपैठ की थी। इसके बाद दूसरा गुट पाकिस्तानी पंजाब के नारोवाल इलाके से भारत के गुरदासपुर में दाखिल हुआ था।
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इस स्क्वॉड का गठन 2014 में किया गया था। संसद हमले मामले में दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के बाद कश्मीरी लोगों की भावनाओं को उकसाना के लिए इस संगठन को बनाया गया था। यह जैश की सबसे खतरनाक और वफ़ादार दस्ता है। इस दस्ते का गठन खुद जैश के आका मौलाना मसूद अजहर ने किया है। फिलहाल इस दस्ते का संचालन मुम्मद भाई और अब्दुल मतीन नाम के दो आतंकी कर रहे हैं।
ये दस्ता खासतौर पर सेना के कैंपों पर हमले करने के लिए बनाया गया है। इस दस्ते के सदस्यों को फिदायीन हमलों की खास ट्रेनिंग दी जाती है। यह संगठन नियंत्रण रेखा के पार लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के साथ ट्रेंन होता है इस लिए हमलों के समय ली जाने वाली जिम्मेदारी एक कॉमन हस्ताक्षर का अनुसरण करते हैं।












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