कांग्रेस अब राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश और छत्‍तीसगढ़ चुनाव में भी अपनाएगी मुफ्त उपहार और कर्नाटक की जीत वाला फंडा

कांग्रेस अब राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश और छत्‍तीसगढ़ चुनाव में भी अपनाएगी मुफ्त उपहार और कर्नाटक की जीत वाला फंडा

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कर्नाटक विधानसाभा चुनाव में 135 सीटों पर पर प्रचंड जीत हासिल करने के बाद अब कांग्रेस पार्टी इस साल होने वाले अन्‍य राज्‍यों के चुनावों में किला फतेह करने के मूड में आ चुकी है। कांग्रेस पार्टी अब मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव जीत कर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में दमदार एंट्री करने के मूड में है।

कर्नाटक के बाद इन तीन राज्‍यों में होने वाले हैं चुनाव

कर्नाटक में जैसे भाजपा ने कांग्रेस से सत्‍ता छीनी थी उसी तरह मध्‍य प्रदेश में भी कांग्रेस ने सत्‍ता गवां दी थी। इस साल नवंबर-दिसंबर में राजस्थान और छत्तीसगढ़ जहां चुनाव होने हैं वहां कांग्रेस सत्‍ता में हैं लेकिन 2018 में जीते गए मध्य प्रदेश को फिर से हासिल करने की कोशिश करने का एक मुश्किल काम है।

तीनों चुनावी राज्‍यों में कांग्रेस दोहराएगी कर्नाटक पैटर्न

ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व ने 2024 के आम चुनावों से पहले इन तीन राज्‍यों में होने वाले चुनाव 'कर्नाटक पैटर्न' को दोहराने का फैसला किया है।

'Back to Basics' के विजन की ओर वापसी कर रही

कर्नाटक में फतेह हासिल करने के बाद ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस 'बैक टू बेसिक्स' के विजन की ओर वापसी कर रही है। कर्नाटक में फतेह हासिल करने के बाद कांग्रेस ने सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी ने सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार, मल्लिकार्जुन खड़गे, रणदीप सिंह सुरजेवाला और अन्य के साथ फोटो शेयर नही की। इसके अलावा नवनिर्वाचित विधायकों ने भी नए मुख्यमंत्री का चयन करने के लिए कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के बजाय कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत किया।

आगामी चुनावी में भी कांग्रेस बांटेगी उपहार और देंगी मुफ्त गारंटी

कर्नाटक में कांग्रेस ने स्थानीय रणनीति, सकारात्मक अभियान, मुफ्त उपहार, टिकटों का जल्द वितरण और कांग्रेस की विचारधारा पर जोर दिया जिसे वो मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए कांग्रेस के चुनाव में भी रिपीट करेगी।

कर्नाटक में अपने विजन से नहीं भटकी कांग्रेस

कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी ने स्‍थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ा, भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस पर हिंदू विरोधी बताते हुए भटकाने की कोशिश करती रही लेकिन कांग्रेस स्‍थानीय मुद्दें हो या भ्रष्‍टाचार का मुद्दा दोनों पर डटी रही। वहीं उसने चुनाव प्रचार हो या उससे पहले सकारात्‍मक अभियान चलाकर जनता से कांग्रेस को जोड़ा।

इन्‍हीं वजहोंं से मिली प्रचंड जीत

वो चाहे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा हो या चुनावी रैली। कांग्रेस अडानी जैसे राष्‍ट्रीय मुद्दें को छोड़कर आम जनता से जुड़े मुद्दें उठाती रही। जिससे प्रदेश का वोटर जो कांग्रेस को अ‍हमियत देना बंद कर दिया था उसने कांग्रेस को तवज्‍जों दी। वहीं मुफ्त उपहार हो या मुफ्त की गारंटी योजना ने कर्नाटक चुनाव में खूब कमाल किया और कांग्रेस को जमकर वोट किया।

मध्‍यप्रदेश में शुरू हुई चुनावी कवायद

बता दें मध्‍यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एआईसीसी पर्यवेक्षकों - कुलदीप राठौर, अर्जुन मोधवाडिया, सुभाष चोपड़ा और प्रदीप टम्टा नजर आए। एमपीसीसी प्रमुख कमलनाथ और एआईसीसी महासचिव जय प्रकाश अग्रवाल के साथ एक बैठक हुई औश्र, पार्टी के नेताओं ने जल्द से जल्द एक चुनावी घोषणापत्र तैयार करने और युवाओं (50 वर्ष से कम आयु) के लिए टिकटों को अधिकतम करने का प्रयास करने का फैसला किया है।

कर्नाटक में मिली जीत के बाद वीडियो शेयर दिया ये संकेत

बता दें कांग्रेस ने 2021 में अपने उदयपुर मंथन सत्र में 50 साल से कम उम्र के लोगों को 50 फीसदी टिकट देने का वादा किया था। कर्नाटक की जीत के बाद कांग्रेस का एक छोटा वीडियो भी पार्टी ने शेयर किया है जिसमें बजरंग बली शैली में बने एक चरित्र को भगवान राम को सूचित करते हुए दिखाया गया है कि कर्नाटक में काम पूरा हो गया है। मास्टर को अपने सबसे उत्साही भक्त कमलनाथ की मदद करने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है, जो वर्तमान में MPCC प्रमुख और कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं।

संयोग की बात ये है मध्‍यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ एक हनुमान भक्त हैं। उन्होंने अपने छिंदवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र में हनुमान की 101 फीट ऊंची प्रतिमा बनवाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसने उन्हें दस बार संसद और विधानसभा के सदस्य के रूप में चुना है।

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