बयान पर विवाद बढ़ने के बाद बोले राहुल, कोरोना पर अच्छा काम कर रही है महाराष्ट्र सरकार
नई दिल्ली- मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का महाराष्ट्र की उद्धव सरकार को लेकर जो बयान आया था, उससे लग रहा था कि वहां शिवसेना और कांग्रेस नेतृत्व के बीच अनबन शुरू हो चुकी है। दरअसल, महाराष्ट्र कोरोना संकट से निपटने में सबसे फिसड्डी राज्य साबित हो रहा है और राहुल गांधी ने उस संकट को लेकर कांग्रेस की ओर से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि कांग्रेस तो सिर्फ सरकार को समर्थन दे रही है, उसे चला नहीं रही है, समर्थन देने और सरकार चलाने में फर्क होता है। लेकिन, एक दिन बाद ही राहुल उद्धव सरकार को कोविड-19 पर बेहतर काम करने का सर्टिफिकेट देने लग गए।

महाराष्ट्र में कांग्रेस सिर्फ सरकार को समर्थन दे रही है और वह उसे चला नहीं रही है, इस बयान के अगले ही दिन बुधवार को राहुल गांधी प्रदेश के पर्यावरण मंत्री और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे से फोन पर बात की और कहने लगे कि 'कोविड-19 से निपटने में महाराष्ट्र अच्छा काम कर रहा है।' इसके साथ ही उन्होंने टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल ने मुख्यमंत्री से भी राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर बात कीस लेकिन इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने आदित्य ठाकरे से लॉकडाउन-4 को लागू करने और कोविड-19 के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी। जानकारी के मुताबिक राहुल ने ठाकरे से कहा कि मुंबई की विशाल आबादी को देखते हुए टेस्टिंग की संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आदित्य से कहा, 'केसों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है, लेकिन हमें स्क्रीनिंग और टेस्टिंग बढ़ानी चाहिए। महाराष्ट्र अच्छा काम कर रहा है। '
इससे पहले राहुल ने मंगलवार को सुबह वाले बयान के बाद कहा था कि उनके बयान को राजनीतिक वजहों से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उसमें उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को 'समर्थन देने वाली न कि चलाने वाली' बात कही थी। इस बीच शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं की ओर से यह दावा किया जाना लगातार जारी है कि महा विकास अघाड़ी सरकार को कोई खतरा नहीं है और सरकार पूरे पांच साल चलेगी।












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