प्रोटेम स्पीकर पर विवाद के बाद, कांग्रेस विधायक गद्दाम प्रसाद बने तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष

तेलंगाना में गुरुवार को कांग्रेस नेता गद्दाम प्रसाद कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष का कार्यभार संभाला। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और लेफ्ट ने सर्वसम्मति उन्हें नया स्पीकर चुना।

इससे पहले बीजेपी विधायकों ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी के भाई और प्रोटेम स्पीकर अकबरुद्दीन औवेसी के तहत शपथ लेने से इनकार कर दिया था। उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा था। जिसके बाद, आज नए विधानसभा अध्यक्ष ने बीजेपी विधायकों को शपथ दिलाई।

Telangana

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सभी को धन्यवाद कहा
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, "गद्दाम प्रसाद को सर्वसम्मति से सदन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी उम्मीदवारी का बीआरएस, सीपीआई और एआईएमआईएम के सदस्यों ने समर्थन किया था। हमने अपने उम्मीदवार के समर्थन के लिए भाजपा से भी संपर्क किया था। गद्दाम को अध्यक्ष चुनने के लिए वो सहमत हो गए।" उन्होंने आगे कहा कि सर्वसम्मति से प्रसाद कुमार को नए अध्यक्ष के रूप में चुनने के लिए वो सभी दलों का धन्यवाद करते हैं।

गद्दाम प्रसाद कुमार ने विकाराबाद से अपना नामांकन दाखिल किया
सीएम रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, विधायी मामलों के मंत्री डी श्रीधर बाबू, अन्य कैबिनेट मंत्री, पूर्व मंत्री और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव और अन्य विधायकों के साथ कांग्रेस विधायक गद्दाम प्रसाद कुमार ने स्पीकर पद के लिए बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया। गद्दाम प्रसाद कुमार ने 2009 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़कर विकाराबाद विधानसभा क्षेत्र से भारी अंतर से जीत हासिल की।
2012 में, उन्हें अविभाजित आंध्र प्रदेश में हथकरघा और कपड़ा मंत्री के रूप में तत्कालीन सीएम एन किरण कुमार रेड्डी के नेतृत्व वाले राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
2014 में, राज्य के विभाजन के बाद, गद्दाम तेलंगाना राष्ट्र समिति (जिसे बाद में भारत राष्ट्र समिति का नाम दिया गया) के उम्मीदवार बी संजीव राव से हार गए। 2018 के चुनाव में भी उन्हें बीआरएस के एम आनंद से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

अकबरुद्दीन औवेसी के तहत शपथ लेने से बीजेपी विधायकों का इनकार
विधायक चुने जाने के बाद अकबरुद्दीन औवेसी को सदन का प्रोटेम स्पीकर चुना गया। उन्होंने 9 दिसंबर को नवनिर्वाचित विधायकों को पद की शपथ दिलाई। हालांकि, सभी आठ भाजपा विधायकों ने शपथ पढ़ने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अकबरुद्दीन औवेसी की प्रोटेम स्पीकर के तौर पर नियुक्ति नियमों का उल्लंघन है।

विधायक चुने जाने के बाद अकबरुद्दीन औवेसी को सदन का प्रोटेम स्पीकर चुना गया। उन्होंने 9 दिसंबर को नवनिर्वाचित विधायकों को पद की शपथ दिलाई। हालांकि, सभी आठ भाजपा विधायकों ने शपथ पढ़ने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अकबरुद्दीन औवेसी की प्रोटेम स्पीकर के तौर पर नियुक्ति नियमों का उल्लंघन है।

जैसा की आप जानते हैं, हाल ही में संपन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 64 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी सीपीआई को एक सीट मिली। बीआरएस को 39 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा और एआईएमआईएम की झोली में क्रमश: आठ और सात सीटें आईं।

यह देखें: कर्नाटक, तेलंगाना में जीत से उत्‍साहित कांग्रेस की निगाहें अब आंध्र प्रदेश पर

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