बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव के बचाव में कहीं ये 5 बड़ी बातें...
लखनऊ। राज्यसभा चुनाव में भले ही मायावती की पार्टी के उम्मीदवार को हार मिली हो, बावजूद इसके बीएसपी सुप्रीमो ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए साफ कर दिया कि सपा-बसपा गठबंधन आगे भी कायम रहेगा। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर सीधा हमला तो बोला ही साथ में अखिलेश यादव का जमकर बचाव भी किया। इस दौरान मायावती ने अखिलेश को लेकर कई ऐसी बातें कहीं जिससे लगा कि बुआ-भतीजे की ये जोड़ी आगे की रणनीति फाइनल कर चुकी है।

मायावती बोली- अखिलेश में तजुर्बे की कमी
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साफ कर दिया कि राज्यसभा चुनाव में भले ही हमारी हार हुई हो लेकिन समाजवादी पार्टी की ओर से कोई गलती नहीं हुई। हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव में तजुर्बे की कमी है। मायावती ने आगे कहा कि बीजेपी इस भ्रम में नहीं रहे कि राज्यसभा चुनाव के दौरान की गई साजिश के बाद वह सपा-बसपा को अलग करने में कामयाब होंगे। राज्यसभा चुनाव में हार का असर गठबंधन पर एक इंच भी नहीं होगा।

'राजा भैया के जाल में फंस गए अखिलेश'
प्रेस वार्ता के दौरान मायावती ने रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के अखिलेश यादव से मुलाकात के मुद्दे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव राजा भैया के जाल में फंस गए। राजा भैया ने अखिलेश यादव को धोखा दिया।

अखिलेश यादव में अनुभव की कमी है: मायावती
मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव में अनुभव की कमी है, अगर मैं उनकी जगह होती तो चाहे मेरा उम्मीदवार हार जाता लेकिन मैं उनके उम्मीदवार को कभी हारने नहीं देती। हालांकि मैं उनसे अनुभवी हूं इसलिए इस गठबन्धन को टूटने नहीं दूंगी। बता दें कि मायावती के इस बयान के बीच अखिलेश यादव ने राजा भैया को लेकर किया गया अपना थैंक्यू ट्वीट भी डिलीट कर दिया है।

गेस्ट हाउस कांड पर मायावती ने किया अखिलेश का बचाव
गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी पर सीधा निशाना साधा, वहीं अखिलेश यादव का बचाव किया। जिस समय ये घटनाक्रम हुआ उस समय अखिलेश यादव राजनीति में नहीं थे। ऐसे में उन्हें इसको लेकर जिम्मेदार ठहराना गलत होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले गेस्ट हाउस कांड की याद दिला रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने गिरेबां में झांक कर देखना चाहिए। बीएसपी सुप्रीमो ने बीजेपी से सवाल किया कि गेस्ट हाउस कांड के दौरान वहां मौजूद ओपी सिंह को डीजीपी बनाकर बीजेपी क्या साबित करना चाहती है?

सपा-बसपा के साथ आने का बताया मतलब
बीएसपी मायावती ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर में लोकसभा उपचुनाव से पहले जिस तरह से सपा-बसपा साथ आए और इसका पूरे देश में सकारात्मक संदेश गया। उपचुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी को दिन में तारे नजर आने लगे। बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में बीएसपी प्रत्याशी को हराने के लिए अपनी पूरी जान लगा दी। इस दौरान मायावती ने कहा कि बीजेपी की कोशिश यही रही कि किसी भी तरह दोनों पार्टियों में फूट डलवाई जाए, जिससे ये अगले साल लोकसभा चुनाव में दोनों साथ नजर नहीं आएं। हालांकि उनकी साजिश कामयाब नहीं होगी।












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