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उपचुनाव में एकजुट विपक्ष के बाद राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव भाजपा के लिए बड़ी चुनौती

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    नई दिल्ली। उपचुनाव में जिस तरह से एकजुट विपक्ष के सामने भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है, उसके बाद पार्टी राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव में किसी भी सूरत में जीत दर्ज करना चाहती है। इसके लिए भाजपा ने ओडिशा में अपने चिर प्रतिद्वंदी बीजू जनता दल का दरवाजा खटखटाया है। एनडीए राज्यसभा के उपसभापति के पद पर अपने उम्मीदवार की जीत को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बारे में जिन दो लोगों का पता है उनका कहना है कि मुमकिन है कांग्रेस इस सीटपर अपना दावा छोड़ सकती है और बीजेडी, टीएमसी या किसी भी अन्य दल जोकि इस पद पर अपना दावा पेश करे उसके उम्मीदवार को समर्थन द दे सकती है।

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    बीजेडी की भूमिका अहम
    कर्नाटक में जिस तरह से कांग्रेस ने दूसरे सबसे बड़े दल होने के बाद भी भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को छोड़ जेडीएस का समर्थन किया, ठीक उसी तर्ज पर पार्टी इस बार कांग्रेस एनडीए को इस पद से दूर रखना चाहती है। ऐसे में यह देखना काफी दिलचस्प है कि क्या अन्य दल एनडीए के खिलाफ अपनी दावेदारी पेश करते हैं या फिर बीजेडी इस चुनाव में अहम साबित होती है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि नवीन पटनायक की बीजेडी ने संसद में केंद्र सरकार के अधिकतर विधेयक का समर्थन किया है।

    इस महीने खत्म हो रहा है कूरियन का कार्यकाल
    गौरतलब है कि राज्यसभा के उपसभापति पीजे कूरियन का कार्यकाल इस महीने खत्म हो रहा है, ऐसे में इस महीने के अंत में मानसून सत्र से पहले उपसभापति का चुनाव हो सकता है। बीजेडी इस चुनाव में अहम भूमिका निभाएगी क्योंकि उसके पास राज्यसभा में 9 सांसद हैं। जबकि उसके साथ तेलंगाना राष्ट्र समिति और वाईएसआर की भी भूमिका काफी अहम है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि हमे उम्मीद नहीं है कि दोनों दक्षिण की पार्टी हमारा साथ देंगी। लेकिन अगर बीजेडी साथ आती है तो हम 122 के बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकते हैं।

    क्या है गणित
    एनडीए के पास कुल 105 सांसद हैं, जबकि छह निर्दलीय सांसद एनडीए का साथ दे सकते हैं। ऐसे में अगर एनडीए टीआरएस, वाईएसआरसीपी और बीजेडी का समर्थन मिलता है तो आसानी से एनडीए अपने उम्मीदवार को जिता सकती है। बीजेडी के वरिष्ठ नेता का कहना है कि अगर गैर कांग्रेसी उम्मीदवार सामने आता है तो विपक्ष का वोट एकजुट हो सकता है। बीजेडी कांग्रेस के उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर सकती है, लेकिन अगर गैर कांग्रेसी उम्मीदवार मैदान में उतरता है तो तो हम समर्थन पर विचार कर सकते हैं।

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    English summary
    After opposition unity in Bypolls BJP has big task to win Rajyasabha Chairperson election. BJP likely to seek support of BJD

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