आर्टिकल 370 को खत्म करने का विरोध करने के बाद JDU का यू टर्न
नई दिल्ली। एनडीए की सहयोगी जनता दल युनाइटेड ने कश्मीर में ऑर्टिकल 370 हटाए जाने का विरोध किया था, लेकिन दोनों सदनों में बिल के पास हो जाने के बाद पार्टी की ओर से रुख में बदलाव देखने को मिला है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि कानून बन गया है, लिहाजा हर किसी को इसे मानना चाहिए। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव राम चंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि पार्टी आने वाले समय में फिर से किसी भी तरह के वैचारिक मतभेद में नहीं पड़ना चाहती है, कानून को हर किसी को मानना चाहिए। भाजपा के साथ मुद्दों को लेकर हमारे वैचारिक मतभेद हर किसी को पता हैं।

रामचंद्र ने कहा कि हम बिल का समर्थन नहीं कर सकते थे, क्योंकि हमसे इस बारे में सुझाव नहीं लिया गया था। इस मुद्दे पर हमारा वैचारिक रुख अलग है। हमारी पार्टी के संस्थापक जॉर्ज फर्नांडीज और समाजवादी नेता जेपी ने इस मसले पर पहले ही अपनी स्थिति साफ कर दी थी। लेकिन अब यह बिल कानून बन गया है, लिहाजा हर किसी को वैचारिक मतभेद भूलकर कानून का पालन करना चाहिए। बता दें कि रामचंद्र जदयू मुखिया नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद का बिहार में एनडीए के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हम एक साथ मिलकर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
रामचंद्र ने पार्टी के एमएलसी गुलाम रसूल बलयावी को सस्पेंड कर दिया है, क्योंकि उन्होंने संसद में बयान दिया था कि एनडीए नहीं है, सिर्फ भाजपा है। सिंह ने कहा कि यह लोकतंत्र है और हर किसो को अधिकार है अपनी बात कहने का। पार्टी ने सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहती है।












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