आडवाणी ने खारिज किया मोदी का 'एज फॉर्मूला', कहा सियासत के लिए अनुभव की जरुरत
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी पार्टी से अलग-थलग कर दिए गए है। उनके अनुभव को दरकिनार कर उन्हें ना तो कैबिनेट में कोई जगह मिली और ना ही पार्टी में कोई ऐसा खास पद। ऐसे में एनडीए सरकार बनने के 6 महीने बाद आडवाणी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोद ने उम्र फॉर्मूले को दरकिनार कर दिया है।

आडवाणी ने उम्र के फार्मूले को खारिज करते हुए कहा कि सियासत के लिए अनुभव जरुरी है। उन्हेंने कहा कि सियासत में अनुभव की भी अहमियत है। एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान आडवाणी ने अपने मन की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार में उम्र का विरोध नहीं होना चाहिए। उम्र से ही अनुभव आता है। आपको बता दें कि आडवाणी ने अपने इस बयान से सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला है। गौरतलब है मोदी ने अपने मंत्रीमंडल के गठन के वक्त ये साफ कर दिया था कि 70 साल के उम्र से नीचे वाले सांसदों को ही मत्रीमंडल में शामिल किया जाएगा।
इस बातचीत के दौरान आडवाणी ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से अपनी पहली मुलाकात को याद करते कहा कि अटल जी और मेरे विचारों में फर्क नहीं है। उन्होंने बाजपा में हो रही अपनी उपेक्षा की ओर इशारा करते हुए कहा कि अटल जी मुझे पार्टी में महत्व देते थे। उन्होंने कहा कि मुझमें अटल जी जैसी क्षमता नहीं है। आडवाणी ने वाजपेयी को भारत रत्न दिए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि अटल जी को भारत रत्न दिया जाना उनका उचित सम्मान होगा।












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