भारत के पहले सौर मिशन Aditya L1 से जुड़ी ये 5 बातें जरूर जान लें
ISRO Aditya-L1 Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का पहला सौर मिशन आदित्य L1 का लॉन्चिंग काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इसरो आज सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर आदित्य L1 श्रीहरिकोटा से लॉन्च करेगा।
125 दिनों की यात्रा के बाद आदित्य-एल1 मिशन तक यानी लैग्रेंज प्वाइंट-1 पर पहुंचेगा। लैग्रेंज प्वाइंट-1 वो जगह है, जहां से आदित्य-एल1 स्पेसक्राफ्ट सूर्य की स्टडी करेगा। लैग्रेंज प्वाइंट-1 धरती से 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर है। धरती और सूर्य के बीच ऐसे पांच प्वाइंट हैं।

Aditya L1 की लॉन्चिंग से जुड़ी ये 5 बातें आपको भी जाननी चाहिए...?
1. भारत का ये पहला सूर्य मिशन है। इसके द्वारा अंतरिक्ष में एक ऑब्जर्वेटरी स्थापित की जाएगी, जो पृथ्वी के सबसे नजदीक इस तारे की निगरानी करेगा। इतना ही नहीं ये सोलर विंड जैसे अंतरिक्ष के मौसम की विशेषताओं का भी स्टडी करेगा।
2. आदित्य एल-1 को जिस लॉन्च व्हीकल से भेजा जा रहा है, उस रॉकेट का नाम PSLV-C57 है। यह पीएसएलवी की 59वीं उड़ान है। वहीं एक्सएल वैरिएंट की 25वीं उड़ान है। आदित्य एल-1 की लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 2 से की जाएगी। यह रॉकेट 145.62 फीट ऊंचा है। लॉन्च के समय इसका वजन 321 टन रहता है। यह चार स्टेज का रॉकेट है।
3. अगर आपको भी ये लगता है कि ये अंतरिक्ष यान सूर्य के पास या सूर्य पर जाएगा, तो ऐसा नहीं है। ये अंतरिक्ष यान सूर्य के पास नहीं जाएगा। आदित्य एल1 को जिस लैग्रेंज प्वाइंट-1 पर पहुंचना है, उसकी दूरी पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर है। इसी जगह पर ऑब्जर्वेटरी सूर्य की स्टडी करेगा। पृथ्वी से सूर्य की दूरी 15.1 करोड़ किलोमीटर है।
4. आदित्य एल-1 लॉन्च को लेकर इसरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी है कि लॉन्च से लेकर लैग्रेंज प्वाइंट-1 तक पहुंचने में आदित्य एल-1 को लगभग चार महीने लगेंगे। यानी 125 दिनों के आसपास।
5. भारतीय अंतरिक्ष यान अपने साथ सात पेलोड्स लेकर जाएगा। जो सूर्य के सबसे बाहरी सतह का अध्ययन करेगा, जिसे फोटोस्फेयर और क्रोमोस्फेयर के नाम से जाना जाता है।












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