Adani Hindenburg Row: मोदी सरकार से विपक्षी सांसदों का तीखा सवाल, JPC जांच से क्यों भाग रहे?
Adani Hindenburg Row के लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। इन नेताओं ने सवाल किया है कि सरकार संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की जांच से भाग क्यों रही है।

Adani Hindenburg Row: अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी के मामले में विपक्षी पार्टियां संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग कर रही हैं। संसद में इस मामले को लेकर जमकर हंगामा भी हो रहा है। इसी बीच कई विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि अगर इस मामले में कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है तो मोदी सरकार JPC जांच की डिमांड से क्यों भाग रही है?
विश्वसनीय एजेंसी जांच करे
अडानी मुद्दे पर तेलंगाना में सत्तारूढ़- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सांसद के केशव राव ने कहा, यह केवल कोई स्कैंडल या घोटाला नहीं इससे कहीं अधिक है। इसमें न केवल लाखों रुपये बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था शामिल है। यह पूरी अर्थव्यवस्था और लोगों के पैसे को प्रभावित करेगा। हम किसी का पक्ष नहीं ले रहे हैं, लेकिन कह रहे हैं कि अगर किसी घोटाले का संदेह है, तो आइए एक विश्वसनीय एजेंसी से जांच कराएं।
अडानी और केंद्र सरकार के बीच की सांठगांठ
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने भी अडानी मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, सरकार को डर है कि अगर जेपीसी जांच करेगी तो अडानी और केंद्र सरकार के बीच की सांठगांठ का पर्दाफाश हो जाएगा और असली अपराधी लोगों के सामने आ जाएगा। जनता गुस्से में है, उन्हें लगता है कि उनका पैसा डूब जाएगा।
सपा ने सरकार की खामोशी पर सवाल खड़े किए
बकौल सपा सांसद, यह अजीब स्थिति है कि जब जनता परेशान है तब भी सरकार बयान नहीं दे रही है। वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, "हम पहली बार देख रहे हैं कि इतना गंभीर घोटाला होने पर भी सरकार कोई बयान नहीं दे रही है, जांच तो दूर की बात है। इसलिए वे निश्चित रूप से दोषी हैं।"
गरीबों का हक छीनकर अडानी की तिजोरी भरी
गौरतलब है कि कांग्रेस अडानी मामले में लगातार केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है। सोमवार को भी कांग्रेस नेता ने अडानी मामले में जांच को लेकर बयान दिया। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सवाल किया, बीजेपी जेपीसी से क्यों डरती है? उन्होंने कहा कि अगर JPC उठाई गई तो बीजेपी का नकाब उतर जाएगा और ऊपर से नीचे तक उन सभी का पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने मध्यवर्ग और गरीबों का हक छीनकर अडानी की तिजोरी भरी है।
आजादी के बाद सबसे बड़ा घोटाला!
बकौल प्रमोद तिवारी, 13 मार्च से जो ड्रामा चल रहा है, वो बिना पीएम के इशारे के नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आज एक बार फिर संसद को चलने नहीं दिया गया। कांग्रेस की डिमांड पर उन्होंने कहा, हम क्या मांग रहे हैं? आजादी के बाद सबसे बड़े घोटाले की जांच के लिए सिर्फ एक जेपीसी।












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