Chandigarh mayoral polls में AAP-कांग्रेस में बनी बात, लोकसभा चुनाव में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली का रास्ता साफ?

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने पहली बार चुनावी गठबंधन कर लिया है। सोमवार को दोनों दलों के बीच चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर समझौते हो जाने की खबरें हैं।

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले यह जानकारी देते हुए बताया है कि दोनों दलों के बीच हुए समझौते के मुताबिक मेयर की सीट का चुनाव आम आदमी पार्टी लड़ेगी और कांग्रेस का उम्मीदवार सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ेगा।

chandigarh mayoral polls

सीट-शेयरिंग की चर्चा के दौरान दोनों दलों के बीच निकला रास्ता
दोनों दलों को लेकर यह खबर लोकसभा चुनावों को देखते हुए बहुत ही महत्वपू्र्ण है। क्योंकि, विपक्षी पार्टियों के इंडिया ब्लॉक में शामिल दोनों दलों के बीच आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी सीट बंटवारे पर चर्चा चल रही है।

भाजपा के हाथ से निकल सकता है मेयर का पद
चंडीगढ़ नगर निगम में 18 जनवरी को मेयर पद का चुनाव होना है और इस गठबंधन से भारतीय जनता पार्टी की नींदें उड़ सकती हैं। चुनाव जानकारों के मुताबिक कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के मिलकर चुनाव लड़ने से मुकाबला सीधा हो जाएगा, जो कि बीजेपी के लिए सही संकेत नहीं है।

भाजपा के पास कुल 15 वोट
35 सदस्यीय चंडीगढ़ नगर निगम में बीजेपी के 14 पार्षद हैं। चंडीगढ़ के सांसद को भी मतदान का अधिकार होता है, जो कि इसका पदेन सदस्य होता है। अभी बीजेपी की किरण खेर चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद हैं।

कांग्रेस-AAP के पास कुल 20 वोट
आम आदमी पार्टी के पार्षदों की संख्या 13 है और कांग्रेस के 7 सांसद हैं। जबकि, शिरोमणि अकाली दल का सदन में 1 सदस्य है और यह पार्टी अभी केंद्र में इंडिया या बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए किसी का भी हिस्सा नहीं है।

चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तीनों पदों के लिए गुरुवार को चुनाव होना है। संख्या गणित के हिसाब से बीजेपी स्पष्ट तौर पर पिछड़ती नजर आ रही है।

पिछले दो साल से मतदान से अनुपस्थित रहती थी कांग्रेस
साल 2022 और 2023 में कांग्रेस ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था, जिससे बीजेपी को आसानी से जीत मिल गई थी। निगम के पांच वर्षों के कार्यकाल में इन तीनों पदों के लिए हर साल चुनाव करवाए जाते हैं। इस साल मेयर का पद अनुसूचित जाति के सदस्य के लिए सुरक्षित है।

दोनों दलों के बीच लोकसभा चुनावों को लेकर चल रही है बात
बता दें कि कांग्रेस पार्टी आम आदमी पार्टी के साथ दिल्ली और पंजाब में लोकसभा चुनावों के लिए समझौते को लेकर बहुत ज्यादा आशांवित है। दिल्ली में 2014 और 2019 दोनों बार सातों सीटें बीजेपी जीत चुकी है।

वहीं पंजाब में पिछली बार आम आदमी पार्टी को 13 लोकसभा सीटों में से सिर्फ 1 सीट मिली थी, जबकि कांग्रेस 8 सीटें जीत गई थी। लेकिन, 2022 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस की स्थिति बहुत ही कमजोर कर दी है।

अभी तक की चर्चा के अनुसार, आम आदमी पार्टी पंजाब में कांग्रेस के लिए 6 सीटें तक छोड़ने के लिए तैयार बताई जा रही है और दिल्ली के लिए 3 सीटों तक का ऑफर दे रही है।

लेकिन, खबरों के मुताबिक आम आदमी पार्टी हरियाणा में भी कांग्रेस से अपने लिए सीटें छोड़ने की मांग कर रही है और गुजरात में तो भरूच सीट से वह उम्मीदवार का नाम भी तय कर चुकी है।

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आम आदमी पार्टी के इन कदमों की वजह से बातचीत में थोड़ी दिक्कत आने की बातें सामने आ रही हैं। लेकिन, चंडीगढ़ में जिस तरह से दोनों दल एकजुट होते दिख रहे हैं, उससे लगता है कि इनके बीच सभी संबंधित राज्यों में कोई बीच का रास्ता निकलने की संभावना बढ़ गई है। (इनपुट-पीटीआई)

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