निजामुद्दीन में तबलीगी जमात की पूरी टाइमलाइन, जानिए कब और क्या हुआ
नई दिल्ली। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात का आयोन किया गया, इस आयोजन में तकरीबन 8000 लोग हिस्सा लेने पहुंचे। जमात में दर्जनों देशों के नागरिक हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। लेकिन जिस तरह से देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है उस बीच जमात के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जमा होना सवाल खड़ा करता है। जमात में हिस्सा लेने पहुंचे कई लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए है, जबकि कुछ लोगों की संक्रमण से तेलंगाना में मौत भी हो गई है। जिसके बाद अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर इस चूक के लिए कौन जिम्मेदार है। आइए डालते हैं तबलीगी जमात के इस आयोजन की टाइमलाइन पर एक नजर।
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13 मार्च
3400 लोग निजामुद्दीन मरकज में धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे।
16 मार्च
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक कार्यक्रमों पर लगाई पाबंदी। 31 मार्च तक 50 लोगों से ज्यादा के इकट्ठा होने पर लगी पाबंदी। फिर भी मरकज पर लोग इकट्ठा रहे।
20 मार्च
मरकज में हिस्सा लेने वाले 10 इंडोनेशिया के नागरिकों का तेलंगाना में हुआ टेस्ट पॉजिटिव आया।
22 मार्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वाहन पर देशभर में जनता कर्फ्यू।
23 मार्च
मरकज से 1500 लोग रवाना हुए
24 मार्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन किया।
24 मार्च
पुलिस ने मरकज में बाकी बचे लोगों को यहां से जाने के लिए कहा।
25 मार्च
लॉकडाउन के आदेश के बाद भी 1000 लोग यहां से नहीं गए। मेडिकल टीम यहां पहुंची, संदिग्ध लोगों को हॉल में ही आइसोलेट किया गया। जमात के पदाधिकारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे, यहां से लोगों को हटाने की अनुमति मांगी। इन्हें गाड़ियों की लिस्ट और पास दिए गए।
26 मार्च
भारतीय धर्मगुरू जो इस जमात में शामिल हुआ था, उसमें कोरोना का संक्रमण पाया गया, श्रीनगर में उसकी मौत।
26 मार्च
एसडीएम मरकज गए और डीएम के साथ बैठक के लिए जमात के पदाधिकारियों से बात की।
27 मार्च
मरकज से कोरोना के 6 संदिग्धों को मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गय, जिसके बाद इन्हें हरियाणा के झज्जर में क्वारेंटाइन में रखा गया।
28 मार्च
विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम एसडीएम के साथ मरकज पहुंची। 33 लोगों को मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया, उन्हें बाद में दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया।
28 मार्च
लाजपत नगर के एसीपी ने मरकज को तुरंत खाली करने के लिए भेजा नोटिस।
29 मार्च
मरकज के पदाधिकारोयं ने एसीपी को पत्र लिखकर कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन के बाद किसी भी नए व्यक्ति को यहां आने की अनुमति नहीं दी गई है। मौजूदा समय में जो लोग यहां पर हैं वो यहां पीएम मोदी द्वारा लॉकडाउन के ऐलान के पहले से हैं। पीएम ने खुद अपने भाषण में कहा है कि जो लोग जहां हैं, वहीं रहे।
29 मार्च
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने मरकज को खाली कराना शुरू किया और यहां के लोगों को क्वारेंटाइन में भेजा।












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