पुलवामा में बाढ़ राहत कार्यों में लगे सेना के 9 जवान बहे
श्रीनगर: जम्मू के साथ ही पूरी घाटी को इस समय पिछले 60 वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ और भूस्खलन के हालातों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि इनकी वजह से 120 लोगों की मौत हो गई है।
इन सबसे अलग शनिवार को पुलवामा से बुरी खबर आई जब यह पता लगा कि बचाव कार्यों में लगी भारतीय सेना के नौ जवान भी बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं।
इन जवानों की तलाश का काम तेजी से जारी है लेकिन अभी तक इनके बारे में कोई भी जानकारी हासिल नहीं हो सकी है।
बंद हुई उधपुर कटरा रेलवे लाइन
उधमपुर में शनिवार को भूस्खलन से जम्मू-कटरा रेल लाइन बंद हो गई है। कटरा जनाने वाली ट्रेन जम्मू में ही रोक दी गई है। भूस्खलन होने से वैष्णो देवी की यात्रा पर गए करीब 10 हजार श्रद्धालु कटरा में फंसे हैं।
पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
जम्मू कश्मीर में बाढ़ की स्थिति पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीनगर में शनिवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ मुलाकात की। राजनाथ सिंह सुबह ही श्रीनगर पहुंचे हैं और हवाई अड्डे के तकनीकी क्षेत्र में मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
वहां दोनों ने छह दशक में राज्य की सबसे भयानक बाढ़ से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा की।
राजनाथ सिंह ने की अब्दुल्ला से मुलाकात
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह पीएमओ में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह के साथ प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। प्रदेश में हालात बिगड़ने के साथ ही सेना राहत और बचाव अभियान में जुट गई है।बाढ़ का पानी प्रदेश के 300 गांवों में घुस गया है।
बाढ़ के कारण राज्य की सड़कों, दर्जनों पुलों, इमारतों तथा फसलों को नुकसान पहुंचा है। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में राहत अभियान के दौरान सेना के 9 जवान बह गए, उन्हें बचाने के प्रयास जारी है।
पुलवामा जिले में झेलम नदी का तटबंध टूटा गया, श्रीनगर में हवाईअड्डा मार्ग सहित दक्षिणी हिस्सों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
हालात भयानक
जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ दिनों के दौरान बाढ़ की स्थिति बिगड़ गई है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुलवामा, अनंतनाग और कुलगाम जिले का अधिकतर हिस्सा बाढ़ की चपेट में है।
शोपियां जिले के रामबिअरा धारा में भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है। राजौरी, रियासी और उधमपुर जिले में भी बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है।
जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़, घर ढहने और भूस्खलन से जम्मू क्षेत्र में शुक्रवार को करीब 64 लोग मारे गए जबकि कश्मीर में 4 लोगों ने दम तोड़ा।
जम्मू क्षेत्र के लगभग सभी 10 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। झेलम नदी और कई अन्य जलधाराएं उफान पर हैं जिससे कश्मीर के पांच जिलों के ज्यादातर इलाके जलमग्न हो गए हैं।
घाटी के 10 में से 3 अन्य जिले भी प्रभावित हुए हैं। राजौरी के एसएसपी मुबासिर लतीफी ने कहा कि अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और घर ढहने के कारण शुक्रवार को 20 लोग मारे गए।
जम्मू में 78 मौतें
एसएसपी ने कहा कि जिले में गुरुवार को हुए बस हादसे में मारे गए लोगों में से आज 25 लोगों के शव बरामद किए गए। अधिकारियों ने कहा कि पुंछ जिले में 12 लोग मारे गए जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई।
रियासी में चार और उधमपुर जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही जम्मू क्षेत्र में मृतकों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है।
कश्मीर में शुक्रवार को 4 लोगों के बह जाने से मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई। मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में सुखनाक नाला के पानी में आज तीन लोग बह गए जबकि दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में विष्णु नाला में एक अन्य युवक डूब गया।
इस बीच, सेना ने बाढ़ प्रभावित जम्मू कश्मीर में खोजी, राहत एवं बचाव अभियान के लिए 7000 से अधिक जवानों को तैनात किया है और अब तक 6000 से अधिक लोगों को बचाया गया है।













Click it and Unblock the Notifications