79 प्रतिशत लोगों ने कहा आम आदमी पार्टी को भंग कर दें केजरीवाल

अगर यह सवाल हम एक साल पहले पूछते तो शायद 79 प्रतिशत लोग नहीं कहते और उलटा हम पर बरसते कि यह कैसा बेहुदा सवाल है। खैर अगर इतनी अधिक लोगों ने पार्टी पर नाराजगी व्यक्त की है, तो इसका मतलब साफ है कि अरविंद केजरीवाल से लोगों की नाराजगी अभी खत्म नहीं हुई है।
हमने यह सवा पोल के माध्यम से पूछा जिसमें खबर लिखे जाने तक 78.47 फीसदी लोगों का जवाब हां में था और 21.53 प्रतिशत ने कहा कतई नहीं। पोल अभी खुला हुआ है, आप भी अपना जवाब नीचे दे सकते हैं।
आम जनता की प्रतिक्रियाएं
हमने जब यह पोल फेसबुक पर डाला तो लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आयीं। विष्णु साबू ने कहा कि जिस तरह चार लोगों पे आधारित आप पार्टी के नेता आपस में लड़ रहे हैं, उसे तो यही लग रहा है कि थोड़े ही दिनों में इस पार्टी को गुमनाम पार्टी के नाम से जाना जायेगा।
वहीं लखनऊ के अनिल कुमार सक्सेना का कहना है कि अगर केजरीवाल ने एक पार्टी के तौर पर आम आदमी पार्टी बनायी होती, तो यह नौबत आती ही नहीं। इस पार्टी में न कोई हेड और न कोई टेल, तो हर आदमी बॉस है। जबकि पार्टी में अध्यक्ष, सचिव, महासचिव, उपाध्यक्ष, आदि जैसे पद होते हैं, ऐसे कोई पद आप पार्टी में नहीं रखे गये इसकी वजह से हर कोई पार्टी का सुप्रीमो बन बैठा और हालात विपरीत हो गये।












Click it and Unblock the Notifications