एक सप्ताह में 4 इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग, केंद्र सरकार अलर्ट, फॉरेंसिक जांच के आदेश
नई दिल्ली, 31 मार्च। एक तरफ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लगातार पेट्रोल और डीजल वाहनों के विकल्प की ओर बढ़ने की बात कर रहे हैं वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग की घटनाओं के बाद इसकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह में देश भर में चार इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की इन घटनाओं ने केंद्र सरकार को अलर्ट कर दिया है। अब केंद्र सरकार ने इसे लेकर निर्माताओं पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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नितिन गडकरी ने लोकसभा में दी जानकारी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बताया कि सरकार ने पिछले एक सप्ताह में चार इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों में आग लगने की घटना को गंभीरता से लिया है और फॉरेंसिक जांच के बाद निर्माताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि 25 मार्च तक देश भर में 10,76,420 इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं जबकि 1742 चार्जिंग स्टेशन काम कर रहे हैं।

अलग-अलग फॉरेंसिक जांच
प्रश्नकाल के दौरान नितिन गडकरी ने कहा पिछले एक सप्ताह में चार दो पहिया वाहनों में आग लगने की घटना सामने आई है और यह बहुत गंभीर मामला है। हमने सभी घटनाओं के लिए सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव, डीआरडीओ और आईआईएससी बेंगलुरु के विशेषज्ञों को अलग-अलग फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं।

वैश्विक मानकों के अनुरूप मंजूरी
गडकरी ने सदन को बताया "इलेक्ट्रिक वाहन और उसकी बैटरी की मंजूरी के लिए भारत के मानक वैश्विक मानकों के अनुरूप हैं और दुर्घटनाओं के पीछे सटीक तकनीकी कारण ज्ञात होने के बाद सरकार उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, "हम विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद हम पता लगाएंगे कि इसके पीछे क्या कारण है। उस रिपोर्ट के आधार पर हम निर्माता के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।"

जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई- गडकरी
हालांकि उन्होंने यह कहा कि उन्हें जो महसूस हुआ वह यह है कि इन घटनाओं का स्पष्ट कारण उच्च तापमान था। उन्होंने कहा "हम अभी भी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद हम उचित कार्रवाई करेंगे। हम लोगों की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त उपाय करेंगे।"
एक अन्य पूरक सवाल का जवाब देते हुए गडकरी ने कहा, केंद्र सरकार पारिस्थितिकी और पर्यावरण के संरक्षण पर पेरिस समझौते के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का राष्ट्रीय राजमार्गों पर 650 सड़क किनारे की सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है जिनमें से 40 पर काम शुरू हो चुका है।












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