#2GScamVerdict: वित्त मंत्री अरुण जेटली बोले- 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता बरती गई, सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया को गलत माना था
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नई दिल्ली। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में में सीबीआई कोर्ट के फैसले पर सरकार की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आज जो फैसला आया है उसमें कांग्रेस नेतृत्व ऐसे प्रतिक्रिया दे रहा है जैसे उन्हें सर्टिफिकेट मिल गया। उन्होंने कहा कि नीलामी के जरिए स्पेक्ट्रम नहीं दिए गए। गलत तरीके से लाइसेंस का आवंटन किया गया जिसकी वजह से नुकसान हुआ। नीलामी के जरिए अगर लाइसेंस बांटे जाते तो नुकसान नहीं होता। हमने लाइसेंस की नीलामी की तो ज्यादा पैसे मिले।

कोर्ट के फैसले पर सरकार की ओर से पहली प्रतिक्रिया
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कोर्ट के फैसले को लेकर कांग्रेस ऐसे व्यवहार कर रही है जैसे उन्हें ईमानदारी का सर्टिफिकेट मिल गया हो। कांग्रेस इसे सर्टिफिकेट नहीं समझे, इस पर एजेंसी ध्यान देगी। कांग्रेस के लोग ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे उन्हें ईमानदारी का सर्टिफिकेट मिल गया हो। 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार किया था और लाइसेंस रद्द किए थे। जिस तरह से 2जी केस में पहले आओ पहले पाओ की नीति अपनाई गई वो गलत था। अगर नीलामी के जरिए स्पेक्ट्रम लाइसेंस दिए जाते तो फायदा होता। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में जो प्रक्रिया अपनाई गई उसे गलत माना था।

पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया था खारिज: जेटली
2जी स्पेक्ट्रम में कोर्ट के फैसले पर बोलते हुए अरुण जेटली ने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े मामले में अपनाई गई पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में इस प्रक्रिया में अपनाई गई नीति को मनमाना और अनुचित करार देते हुए इससे संबंधित सभी लाइसेंस को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने माना था कि अपनाई गई पॉलिसी से सरकार को नुकसान हुआ। अरुण जेटली ने बताया कि बाद में नई सरकार ने आवंटन के लिए नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जिसका फायदा भी देखने को मिला।

'कांग्रेस इसे सर्टिफिकेट नहीं समझे'
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 2जी केस में जो पॉलिसी अपनाई गई उससे नुकसान हुआ है, यह बिल्कुल साफ है क्योंकि स्पेक्ट्रम की नीलामी के जरिए जारी किए गए लाइसेंस की पहले से बहुत अधिक कीमत मिली। इससे साफ पता चलता है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में गलत प्रक्रिया अपनाई गई। ऐसे में 'जीरो लॉस' की बातें साफ तौर से खारिज हो जाती हैं। अरुण जेटली ने कहा कि मुझे विश्वास है कि जांच एजेंसिसां कोर्ट के फैसले को गंभीरता से देखेंगे। फैसले को देखने के बाद ही वो फैसला करेंगे कि आखिर इस मामले में उन्हें क्या करना है।

मामले में सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया
बता दें कि यूपीए सरकार के दौरान चर्चित 2जी घोटाले पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने ए राजा, कनिमोई सहित तमाम आरोपियों को इस मामले में बरी कर दिया है।आरोपियों के वकील विजय अग्रवाल ने बताया कि विपक्ष किसी भी आरोप को साबित नहीं कर पाया और उनके खिलाफ सबूत देने में पूरी तरह से विफल रहा है। वकील ने कहा कि सबकुछ इस मामले में सही है, सीबीआई ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है, सीबीआई के सभी दावे झूठे थे। इस फैसले के बाद तत्कालीन कैग विनोद राय की रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या 1.76 लाख करोड़ का घोटाला हुआ था या नहीं। किसी साजिश के तहत ये आरोप लगाए गए थे?












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