2जी घोटाला: डीएमके मुखिया करुणानिधि के दामाद ए राजा, बेटी कनीमोझी और पत्नी दयालु आरोपी

गौरतलब है कि गत 25 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय ने ए राजा, कनीमोझी समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जिसके बाद शुक्रवार को सुनवाई किए जाने के दौरान विशेष अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ समन भेजने का निर्देश दे दिया है। आरोपियों के खिलाफ जो आरोप पत्र तैयार किया था उसे मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत तैयार किया गया था। जिसके बाद उसे कोर्ट में दाखिल किया गया था।
विशेष अदालत के अनुसार, डीएमके के मुखिया एम करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल, ए राजा, कनीमोझाी, कलैंगनर टीवी के शरद कुमार, शाहिद बलवा, स्वॉन टेलीकाम समेत अन्य लोग आरोपी हैं।स्पेशल सीबीआई जज ओपी सैनी ने बुधवार को इस मामले में ईडी की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। ईडी ने कोर्ट में कहा था कि मामले में आरोपी 10 लोगों और 9 कंपनियों के खिलाफ पहली नजर में मनी लॉन्डरिंग का केस बनता है।
ईडी की ओर से सरकारी वकील ने दलील दी थी कि आरोपियों ने कथित साजिश रची और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग ऐक्ट (पीएमएलए) के तहत अपराध को अंजाम दिया। वकील ने यह भी दावा किया था कि डीएमके के कलैग्नार टीवी को जो 200 करोड़ रुपये दिए गए, वह कोई मदद नहीं थी। यह डीबी ग्रुप की कंपनियों को टेलिकॉम लाइसेंस देने के लिए घूस दी गई थी। इस मामले में ए. राजा की भूमिका पर निदेशालय ने कहा कि दूरसंचार मंत्री होने के कारण लाइसेंस के आवंटन में उनकी अहम भूमिका रही। राजा ने मनी लॉन्डरिंग से जुड़े अपराध में पूरी मदद की।
ईडी की ओर से दलील दी गई थी कि इस मामले में आरोपी डीएमके सुप्रीमो की पत्नी दयालु अम्मल की कलैग्नार टीवी में 60 फीसदी हिस्सेदारी थी। शरद कुमार और कनिमोझी 20-20 पर्सेंट के मालिक थे। ईडी ने आरोप लगाया कि सिनेयुग फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (सीएफपीएल) और कुशेगांव फ्रूट्स ऐंड वेजिटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड (केएफवीपीएल) के जरिए कलैग्नार टीवी से डायनामिक्स रिऐलिटी में पैसों की रिवर्स ट्रेल हुई। आरोपियों ने इस लेनदेन को वास्तविक दिखाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अचंभे की बात है कि पैसों की रिवर्स ट्रेल तब शुरू हुई जब सीबीआई ने 2जी घोटाला मामले में राजा से पूछताछ शुरू की।












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